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कैंपस की छात्रा के साथी छात्राओं पर संगीन आरोप

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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस की एक छात्रा ने साथी दो छात्राओं पर उत्पीड़न और मेरठ कॉलेज छात्रसंघ के अध्यक्ष पर धमकी देने के आरोप लगाए हैं।
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विजय नगर गाजियाबाद निवासी सीसीएसयू में बीपीएड प्रथम वर्ष की छात्रा मोनिका बडोदिया शुक्रवार को एसएसपी ऑफिस पहुंची। वहां शिकायत सुन रहे एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी को छात्रा ने एसएसपी को संबोधित शिकायती पत्र सौंपा। छात्रा का आरोप है कि 21 मई को उसी की कक्षा में पढ़ने वाली दूसरी बिरादरी की छात्राओं ने उसे जातिसूचक शब्द कहकर परेशान किया। जब उसने विरोध किया तो दोनों छात्राओं ने उसके साथ मारपीट की और सबक सिखाने की धमकी दी। उसका उत्पीड़न करते हुए गालीगलौज की गई।
छात्रा के अनुसार उसने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति से शिकायत की थी। घटना के दूसरे दिन 22 मई को मेडिकल थाने पहुंचकर तहरीर दी गई। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि वीसी से शिकायत करने और थाने में तहरीर देने का पता चलने पर छात्राओं ने मेरठ कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम मलिक को बुला लिया। शुभम मलिक अपने साथ एक दर्जन युवकों को लेकर विवि पहुंचा। उसे धमकी दी कि यदि तहरीर वापस नहीं ली तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।
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पीड़िता ने बिलखते हुए आरोप लगाया कि उसे लगातार डराया और धमकाया जा रहा है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह कैंपस में कैसे परीक्षा देगी। उसे न्याय और सुरक्षा चाहिए। पूरे मामले में एसपी ट्रैफिक ने एसओ मेडिकल को जांच कर रिपोर्ट मांगी है। कार्रवाई के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
विवि प्रशासन ने दोनों पक्षों को बुलाया
मेरठ कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम मलिक और अन्य छात्राओं पर धमकी देने और दबंगई देने का आरोप लगा है। छात्रा ने लिखित में आरोप लगाए हैं कि मेरठ कॉलेज के छात्र विवि कैंपस में पहुंचकर सरेआम धमकी दे रहे हैं। लेकिन विवि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। शुक्रवार को कैंपस में विवि प्रशासन ने पीड़ित छात्रा और आरोपी छात्राओं को बुलाया। जिसमें निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की बात कही गई है।
धमकी देने के आरोप गलत
मेरठ कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष शुभम मलिक का कहना है कि मैं स्पोर्ट्स में हूं। अपने काम से विवि में शारीरिक शिक्षा विभाग में गया था। मैं छात्रा को जानता भी नहीं हूं। धमकी देने के आरोप गलत हैं।
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