एनएचआरसी ने की हसीन मोटा मुठभेड़ की जांच
मेरठ। कुख्यात मुकीम काला के शूटर हसीन मोटा मुठभेड़ कांड की जांच करने एनएचआरसी (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग) की टीम बुधवार को मेरठ पहुंची। टीम ने परतापुर थाने में क्राइम ब्रांच व थाना पुलिस से गहन पूछताछ की। पुलिस के अनुसार हसीन मोटा के परिजनों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताकर एनएचआरसी में शिकायत की थी।
31 दिसंबर 2017 को परतापुर के शताब्दीनगर में 50 हजार के इनामी हसीन मोटा निवासी लिसाड़ी गेट पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। पुलिस अफसरों के मुताबिक हसीन मोटा अपने एक साथी के साथ लिसाड़ी गेट में वारदात करने जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच टीम ने शताब्दी नगर में हसीन को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने टीम पर गोली चला दी थी। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली से हसीन मोटा मारा गया था।
हसीन मोटा के परिजनों ने इसकी एनएचआरसी में शिकायत दर्ज करायी थी। जिसकी जांच करने एनएचआरसी की एसएसपी सुमेधा द्विवेदी टीम के साथ बुधवार को दिल्ली से मेरठ पहुंचीं। परतापुर थाने में मेरठ क्राइम ब्रांच टीम से उन्होंने पूछताछ की। घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। एएसपी कैंट/क्राइम ब्रांच सीओ सतपाल सिंह ने एनएचआरसी की टीम को हसीन मोटा के एनकाउंटर से जुड़ी सारी जानकारी दीं। हसीन की क्राइम हिस्ट्री, वीडियोग्राफी की सीडी टीम को दी गई।
आज भी करेगी जांच
एएसपी कैंट का कहना है कि एनएचआरसी की टीम अभी मेरठ में रुकी है। बृहस्पतिवार को भी हसीन मोटा एनकाउंटर से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। बताया गया कि एनएचआरसी की टीम हसीन मोटा के परिजनों के भी बयान अंकित कर सकती है। पुलिस अफसरों का कहना कि उत्तर प्रदेश में कई एनकाउंटर की जांच एनएचआरसी कर रही है।
खास बातें:
- क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने की घंटो पूछताछ
- परतापुर के बाद घटनास्थल का किया निरीक्षण