पुलिस की मिलीभगत से चल रहे अवैध हुक्का बार
मेरठ। शहर में अवैध हुक्का बार का जाल फैला हुआ है। जिसके संचालन में पुलिस की मिलीभगत के आरोप लगते रहे हैं। पिछले छह माह में रविवार को पहली बार पुलिस ने हुक्का बार की जांच पड़ताल के लिए अभियान चलाया। लेकिन मिला कुछ नहीं। अफसर दावे करते हैं कि हुक्का बार नहीं चलने दिया जाएगा। लेकिन कुछ लोग चंद रुपये के लालच में छात्रों का जीवन बर्बाद किया जा रहा है।
तत्कालीन एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने सदर बाजार क्षेत्र में करीब छह माह पूर्व हुक्का बार के खिलाफ अभियान चलाया था। जिसमें सामने आया था कि हुक्का बार अवैध तरीके से चल रहे हैं। मौके से पुलिस ने आपत्तिजनक चीजें बरामद करते हुए कई युवकों को हिरासत में लिया था। उसके बाद पुलिस हुक्का बार भूल गई। शनिवार को आबूलेन पर हुक्का बार में एक छात्रा की सरेआम पिटाई का मामला सामने आने पर पुलिस अफसरों की नींद टूटी।
रविवार को एसपी सिटी रणविजय सिंह ने एएसपी कैंट और सदर बाजार पुलिस के साथ हुक्का बार की जांच पड़ताल की। हालांकि पुलिस को कुछ भी नहीं नहीं। एसपी सिटी ने बताया कि हुक्का बार में थाना पुलिस की मिली भगत हो सकती है। वह खुद दूसरे थानों की पुलिस के साथ अलग से छापामारी करेंगे। कहीं भी हुक्का बार चलता मिला तो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी।
लाइसेंस नहीं, फिर भी चल रहे हुक्का बार
एसपी सिटी का कहना है कि हुक्का बार के लिए कोई भी लाइसेंस नहीं है। लेकिन संज्ञान में आया है कि आधा दर्जन से ज्यादा हुक्का बार चल रहे हैं। जहां छात्र और युवक आते हैं और नशा के इस गलत धंधे में पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा हुक्का सदर बाजार थाना क्षेत्र में आबूलेन और दिल्ली रोड पर हैं।
नहीं हुआ आलम गिरफ्तार
हुक्का बार में कुछ युवक अपना नाम और धर्म छिपाकर युवतियों और छात्राओं को झांसे में ले रहे हैं। इसमें हुक्का बार के गार्डों से भी साठगांठ है। शास्त्रीनगर निवासी एक शिक्षक की बेटी की कर्ण भारद्वाज नाम के युवक से दोस्ती थी। लेकिन जब छात्रा को पता चला कि यह कर्ण वास्तव में लिसाड़ी गेट निवासी मो. आलम है तो छात्रा ने आलम से दूरी बना ली थी। शनिवार को छात्रा सहेलियों के साथ आबूलेन स्थित हुक्का बार में बर्थडे मनाने गई थी तो आलम ने छात्रा को बेरहमी से पीटा था। जिस पर विहिप कार्यकर्ताओं और मेरठ कॉलेज के छात्रों ने इसे लव जिहाद बताकर हंगामा किया था। छात्रा ने सदर थाने में आलम, बार मालिक समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कराया था। लेकिन कोई भी गिरफ्तारी नहीं हुई।
खास बातें:
कार्रवाई के नाम पर छह माह से नहीं चला अभियान
आबूलेन हुक्का बार का प्रकरण गूंजा तो एसपी सिटी ने की छापामारी