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जिगर के टुकड़े को बचाने में सामने आई मां

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मेरठ। शाम के 7:25 बजे थे। शराब के लिए पैसे न देने पर शातिर बदमाश अर्जुन बार-बार पिस्टल निकालकर दरोगा के बेटे कविंद्र को गोली मारने की धमकी दे रहा था। वहां पर दरोगा की पत्नी सुमन भी थी। मोहल्ले के लोग भी तमाशा देख रहे थे। बहस बढ़ी तो अर्जुन ने गोली चला दी। पहली गोली कविंद्र की गर्दन में लगी। बेटा चिल्लाया तो मां सुमन गोलियां के आगे अड़ गई। एक गोली सुमन के सीने में लगी और उसने वहीं दम तोड़ दिया।
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इस सनसनीखेज घटना के दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद थे। शास्त्रीनगर में अर्जुन राणा कविंद्र से जबरन वसूली करना चाहता था। इसी बात पर विवाद हुआ। करीब पांच मिनट तक कविंद्र और अर्जुन में बहस चली। इसकी जानकारी लगने पर सुमन भी वहां पहुंच गई थी। अर्जुन बार-बार पिस्टल निकालता और धमकी देता कि गोली मार दूंगा। मां-बेटे अर्जुन और उसके चचेरे भाइयों से अकेले जूझते रहे। मां-बेटा सुमन और कविंद्र इस बात पर अड़े भी कि गोली क्यों मार देगा। लेकिन लोग तमाशा देखते रहे और कोई सामने नहीं आया। गुंडागर्दी करने वालों को टोकना भी किसी ने उचित नहीं समझा।
गोली चली तो आगे आई सुमन
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अर्जुन और उसके चचेरे भाई शिवा ने कई राउंड गोलियां चलाईं। पहली गोली कविंद्र की गर्दन में लगी। अपने लाल को बचाने के लिए सुमन आगे आ गई तो दूसरी गोली सुमन को लगी। मां गोली खाकर गिरी तो कविंद्र चिल्लाते हुए बोला कि अर्जुन तूने यह ठीक नहीं किया। लेकिन उनके हाथों में पिस्टलें थीं। फिर गोली चली जो कविंद्र के सीने में लगी।
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अरे अब तो इनको बचाओ
मां-बेटे को गोली मारने के बाद हत्यारोपी वहां से भागे तो उसके बाद वहां जमा लोगों को सुध आई। लोग चिल्लाए कि दरोगा के बेटे व पत्नी को गोली मार दी है। अरे, अब तो इनको अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करो। मां और भाई को गोली लगने का पता लगते ही दरोगा का छोटा बेटा निशांत दौड़ा। निशांत ने मां और भाई को कार से लेकर आनंद हॉस्पिटल पहुंचा।
पहले तहरीर दो, फिर कार्रवाई होगी
दरोगा की पत्नी की हत्या हो गई और बेटा जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। अस्पताल में पहुंची पुलिस इतनी जल्दबाजी में थी कि बस तुरंत मुकदमा दर्ज हो जाए। दरोगा फिरोज अख्तर बार-बार निशांत से कह रहा था कि पहले तहरीर दो, रिपोर्ट के बाद ही अगली कार्रवाई होगी। जिस पर निशांत बोला कि मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा। मां की मौत हो गई और भाई गंभीर है। हमें संभलने का थोड़ा वक्त तो दो।
पापा सब कुछ खत्म हो गया
निशांत ने अपने पापा को फोन किया। कहा कि पापा सब कुछ खत्म हो गया। मम्मी को मार दिया और भाई अस्पताल में है। उधर से आवाज आ रही थी कि बेटा घबराओ मत, मैं आ रहा हूं। दरोगा बृजपाल मेरठ के लिए रवाना हो गए। अस्पताल में लोगों का तांता लगा हुआ है। परिवार और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। अब पुलिस बोल रही है कि होली पर आरोपी ने खून बहाया है। उसको हम नहीं छोड़ेंगे। आप हमारे परिवार के लोग हो।
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खास बातें:
- करीब पांच मिनट तक अर्जुन और कविंद्र उलझते रहे
- बार बार पिस्टल निकाल रहा था अर्जुन
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