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क्राइमसीन और थ्योरी में उलझा दोहरा हत्याकांड

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मेरठ। डबल मर्डर के क्राइमसीन और पुलिस की थ्योरी ने मामले को और उलझा दिया है। पुलिस का दावा कि हत्या के पीछे गैंगवार, प्रेम प्रसंग या फिर और बड़ी प्लानिंग हो सकती है। पुलिस जांच क्राइमसीन पर अटक जाती है। चार दिन बीतने के बावजूद भी इस मामले में पुलिस एक कदम नहीं चली। किसी शूटर का नाम पता नहीं और नामजद आरोपी अभी गिरफ्तार नहीं।
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हापुड़ रोड से सटे ढबाई नगर में दो नवंबर को सलीम और शम्मी की गोलियां बरसाकर हत्या की गई थी। मुकदमा जेल में बंद सलमान और सारिक के बीच गैंगवार के चलते हत्या होने के आधार पर लिखा गया है। सलीम और शम्मी के परिजनों ने पुलिस को लिखकर दिया कि गैंगवार से उनका कोई लेनादेना नहीं है। हत्या के पीछे गहरी साजिश हो सकती है।
एसएसपी के मुताबिक पुलिस जांच में मामला प्रेम प्रसंग का है। सलीम के एक महिला से संबंध थे। हत्या हुई और मुकदमा प्लानिंग के तहत लिखा गया। लेकिन घटनास्थल का क्राइमसीन पुलिस की थ्योरी को जीरो करने वाला है। सवाल उठता है कि अगर हत्या प्रेम-प्रसंग में हुई तो भीड़ वाले इलाके में सरेशाम गोलियां बरसाकर दो लोगों को क्यों मारा जाएगा। यह बात पुलिस को फिर वहीं ले लाती है, जहां से शुरूआत होती है।
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गैंगवार में कुछ भी संभव
सलमान और सारिक की गैंगवार में एक दर्जन से अधिक लोगों की हत्या हो चुकी है। लगातार हत्या और दोनों एक-दूसरे के खिलाफ केस दर्ज करा रहे हैं। दोहरे हत्याकांड को किसने अंजाम दिलवाया है, यह जांच पुलिस चौथे दिन भी नहीं कर सकी। पुलिस कभी मुकदमे के आधार पर सलमान गैंग द्वारा वारदात करना बताती है तो कभी सारिक गैंग पर शक जताती है। गैंगवार में कुछ भी संभव है, लेकिन पुलिस कुछ तो सुबूत जुटाए।
सारिक गैंग से जुड़े हत्या के तार
एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि दोहरे हत्याकांड में बहुत बड़ी प्लानिंग हुई है। मुकदमे से हटकर भी पुलिस जांच कर रही है। मामला पूरा उल्टा है। शक भी पूरा है। लेकिन अभी सुबूत नहीं है। एसएसपी का दावा है कि जेल में बंद सारिक व उसके भाई फाईक के तार दोहरे हत्याकांड से जुड़ रहे है। कुछ जानकारियां तो मिल रही हैं। क्राइम ब्र्रांच और सर्विलांस की टीम लगी है। लेकिन क्राइम सीन मामले को उलझा रहा है। थोड़ी देर हो सकती है। लेकिन खुलासा दोहरे हत्याकांड का सही किया जाएगा।
शूटर व नामजद आरोपी नहीं मिले
पुलिस का दावा है कि दोहरे हत्याकांड को शूटरों द्वारा अंजाम दिया गया है। शूटर कौन हैं, उनके क्या नाम हैं, इसकी अभी कोई जानकारी पुलिस को नहीं है। नामजद आरोपी सलमान के पिता निजामुद्दीन, भाई आमिर, आसिफ समेत सात आरोपियों में से पुलिस एक को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। हालांकि पुलिस का दावा है कि शूटर और नामजद आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही हैं। नामजद आरोपी घर और रिश्तेदारी में भी नहीं हैं।
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खास बात
- चार दिन बीतने के बावजूद भी पुलिस है खाली हाथ
- पुलिस बोली, प्र्रेम प्रसंग, गैंगवार या फिर बड़ी प्लानिंग
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