लेंसडौन में होने वाली सेना भर्ती में भाग लेने गए काशीपुर के एक युवक को कुछ बदमाशों ने नशा सुंघाकर रोडवेज बस से अपहृत कर लिया। बदमाशों ने उससे दो हजार की नकदी लूट ली। वे उसे ट्रेन से मुरादाबाद होते हुए देहरादून को ओर ले जा रहे थे, कि होश में आने पर हरिद्वार स्टेशन पर वह उतर गया।
सात नवंबर को लेंसडौन में सेना की भर्ती प्रस्तावित है। वैशाली कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय अतीत रविवार की सुबह रोडवेज बस से कोटद्वार के लिए रवाना हुआ। वहां उसके चाचा रहते हैं। उसके पिता सुरेंद्र बिष्ट फौज में अरुणाचल प्रदेश में तैनात हैं। दोपहर साढ़े तीन बजे मां हीरा बिष्ट से अतीत की फोन पर बात भी हुई। इस दौरान उसने धामपुर होने की बात कही। शाम के समय मां ने अतीत का नंबर मिलाया तो दोनों नंबर स्विच ऑफ जाने लगे। हीरा ने कोटद्वार में अपने देवर रवींद्र से बात की, तो उसने भी अतीत के वहां न पहुंचने की जानकारी दी। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने अतीत के लापता होने की जानकारी आईटीआई पुलिस को दी।
उधर, मित्रों के लगातार फोन लगाते रहने से सोमवार को दोपहर बाद अतीत ने एक नंबर से किया फोन उठाया। उसने बताया कि अज्ञात बदमाशों ने नजीबाबाद पहुंचने पर नशा सुंघाकर उसका रोडवेज बस से अपहरण कर लिया। ये बदमाश उसे ट्रेन से मुरादाबाद ले गए, फिर इसी ट्रेन से देहरादून ले जा रहे थे। हरिद्वार पहुंचने पर उसे होश आया तो देखा कि बोगी में आठ-दस युवक बंधे पड़े हैं। उनके शरीर पर पिटाई के निशान थे। इन युवको का कहना था कि उन्हें बदमाशों ने अपहृत किया हुआ है। इस बात की जानकारी होने पर वह हरिद्वार में उतर गया। अतीत की मां ने आशंका जताई कि उसका पुत्र मानव तस्करी करने वाले गिरोह के कब्जे में था। सूचना पर अतीत के चाचा उसे अपने साथ ले गए हैं।