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सुजीत तो मारा लेकिन जेल से सुमित का खतरा

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मेरठ। भाई की हत्या के चश्मदीद गवाह मितन और रवि बुधवार को जिरह और गवाही के लिए कचहरी पहुंचे। लेकिन बयान नहीं हो सके। न्यायालय ने अगली तिथि 14 मार्च नियत की है।
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सरूरपुर थानाक्षेत्र के हसनपुर रजापुर गांव में 16 जुलाई 2016 को चेतन की हत्या हुई थी। जिसमें गांव के सुमित जाट, उसके भाई सुजीत आदि नामजद हुए थे। गवाही से रोकने के लिए तीन फरवरी 2018 को चेतन की मां चश्मदीद गवाह सावित्री की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद सावित्री के पैरोकार दामाद बबलू की झिटकरी सरधना में हत्या कर दी गई थी। इन दोनों हत्याओं में सुमित जाट जेल से साजिश रचने तो सुजीत सहित कई आरोपी हत्या में नामजद हुए थे। पुलिस ने चार दिन पहले सुजीत जाट को एनकाउंटर में ढेर किया था। सात मार्च बुधवार को सावित्री के छोटे बेटे रवि की कोर्ट में गवाही होनी थी।
रवि के साथ कचहरी पहुंचे मितन ने अंदेशा जताया कि जेल में बंद सुजीत का भाई सुमित जाट कोई भी वारदात करा सकता है। सुमित ने धमकी दी हुई है कि वह अगली गवाही नहीं होने देगा। मितन का कहना है कि पुलिस ने सुजीत को तो मार गिराया। लेकिन अभी खतरा बरकरार है। स्पेशल जज एससी/एसटी एक्ट पीयूष शर्मा की अदालत में चेतन की हत्या का मामला चल रहा है। जिसमें चश्मदीद मितन के बयान दर्ज हो चुके हैं तथा अगले गवाह के रूप में रवि को तलब किया गया था।
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चेतन हत्याकांड
- कचहरी पहुंचा गवाह मितन बोला, सुमित करा सकता है जेल से वारदात
- बुधवार को नहीं हो पाए बयान, अब 14 मार्च लगी गवाही की तिथि
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