मेरठ। नौचंदी के जिस थानेदार संजय तोमर को डीजीपी ओपी सिंह ने मेरठ में मीटिंग के दौरान 15 मिनट तक खड़ा कर नसीहत दी थी। उसे पीएसी के दरोगा की पत्नी सुमन की हत्या के मामले में लाइन हाजिर कर गोंडा जिले में ट्रांसफर कर दिया गया। लखनऊ से निर्देश मिलते ही जिले से रिलीव भी कर दिया गया।
संजय तोमर को ढाई माह पहले ही एसएसपी ने नौचंदी थाने का चार्ज दिया था। एक भाजपा नेता के नजदीकी एसओ पर कई बार लापरवाही के आरोप लगे। शास्त्रीनगर के एक जिम में गोली चलने की रिपोर्ट दर्ज न करने पर डीजीपी ने 10 फरवरी को मेरठ दौरे के दौरान एसओ को कड़ी नसीहत दी थी। इसके बाद पशु कटान की वीडियो वायरल हुई तो साठगांठ कर शांतिभंग में कार्रवाई की गई। इसके बाद होली की शाम के ब्लॉक शास्त्रीनगर में दरोगा की पत्नी की हत्या हो गई। आरोप लगे कि हत्यारोपी अर्जुन राणा गुंडा टैक्स वसूलता था। लेकिन भाजपा नेता के दबाव में पुलिस ने उसे छूट दे रखी थी। दो मार्च को चौकी इंचार्ज सस्पेंड हुआ था तो एसओ को लाइन हाजिर कर दिया गया था।