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खुफिया विभाग के निशाने पर 300 से ज्यादा झुग्गी झोपड़ी

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खुफिया विभाग के निशाने पर झुग्गी झोपड़ी
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अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
फलावदा से बांग्लादेशी के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर खुफिया विभाग के निशाने पर झुग्गी झोपड़ी आ चुकी हैं। पिछले तीन साल में जहां इन झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों का कोई सत्यापन नहीं हुआ है। वहीं पुलिस रिकॉर्ड में जिले में कोई भी बांग्लादेशी नहीं रह रहा है। झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को पुलिस अपने रिकॉर्ड में इन लोगों को पश्चिमी बंगाल का मानती है।
एसटीएफ ने 20 अगस्त को फलावदा कस्बे से बांग्लादेशी नागरिक अबू हन्नान को गिरफ्तार किया था। जो मेरठ में पिछले 11 साल से अवैध तरीके से रहा था। उसने फलावदा निवासी युवती से निकाह कर आईडी कार्ड, पेनकार्ड और पासपोर्ट भी बनवा लिया था। उसके पकड़े जाने के बाद मेरठ झुग्गी झोपड़ी इंटेलीजेंस और एलआईयू के रडार पर आ गई हैं। अलग अलग टीमें अवैध तरीके से रह रहे लोगों की जांच करने में जुट गई हैं। वहीं खुफिया विभाग के एक अधिकारी की मानें तो मेरठ में रिकॉर्ड में कोई भी बांग्लादेशी नहीं रह रहा है।
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हापुड़ रोड पर सबसे ज्यादा झुग्गी झोपड़ी
हापुड़ रोड पर करीब 200 से ज्यादा झुग्गी झोपड़ी हैं। जबकि अन्य स्थानों को मिलाकर यह आंकड़ा 300 के पार पहुंच रहा है। यहां रहने वाले लोग शहर और देहात में मजदूरी के अलावा फैक्ट्रियों में काम करते हैं। झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली महिलाएं भी निर्माणाधीन इमारतों में मजदूरी करती हैं। इनके अलावा कुछ लोग रिक्शा चलाने व कूड़ा कबाड़ बीनने का काम करते हैं। हापुड़ रोड के अलावा मवाना, बहसूमा, फलावदा, परीक्षितगढ़ और रेलवे लाइन के किनारे भी झोपड़ी डालकर यह लोग बसे हुए हैं।

लगातार बढ़ रही संख्या
झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले इन लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जहां इन्हें बांग्लादेशी समझा जाता है। वहीं पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी इन्हें पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के रहने वाले मानते हैं।
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अबू हन्नान के पासपोर्ट की जांच शुरू
बांग्लादेशी अबू हन्नान फलावदा निवासी शबाना से निकाह करने के बाद एक दशक से फलावदा में नाम बदलकर रहता रहा और पुलिस और खुफिया विभाग को भनक नहीं लगी। जिसने अपना निवास प्रमाणपत्र नगर पंचायत फलावदा से बनवाया था। 17 अगस्त 2016 को गाजियाबाद से पासपोर्ट भी बनवा लिया। आखिर सवाल यह है कि पासपोर्ट की जांच में पुलिस ने उसकी ससुराल पक्ष की तो जांच कर ली, लेकिन अबू हन्नान का भाई, बहन, पिता और मां कौन है और कहां रहते हैं इसकी कोई जांच नहीं की। परिवार में कौन सदस्य हैं और कहां रहते हैं इसका जवाब भी नहीं है। पासपोर्ट जहां पुलिस के पास जब्त है वहीं जांच भी शुरू कर दी गई है।

खास बात
बांग्लादेशी संदिग्ध अबू हन्नान के पकड़े जाने के बाद खुफिया विभाग ने छानबीन शुरू की
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