मेरठ। सपाइयों द्वारा एसपी सिटी कार्यालय पर तालाबंदी करने और स्टाफ को बंधक बनाने पर पुलिस भड़क गई। सूचना पर पहुंची देहली गेट पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो सपा कार्यकर्ताओं में भगदड़ मच गई। पुलिस ने सपा के दो नेताओं को मौके से गिरफ्तार कर लिया। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जाती रहीं।
मंगलवार शाम करीब 4:45 बजे सपा नेता मोहम्मद अब्बास और पार्षद शाहिद के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता एसपी सिटी के कार्यालय पर पहुंचे। उस समय एसपी सिटी वहां मौजूद नहीं थे। कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मी सरकारी कामकाज में व्यस्त थे। वहां पर थाना पुलिस मौजूद नहीं थी। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने एसपी सिटी कार्यालय के मुख्यद्वार की तालाबंदी कर दी। यह देख टेलीफोन ड्यूटी पर तैनात सिपाही अमित कुमार ने सपा कार्यकर्ताओं का विरोध किया तो सपाइयों ने उसे धमका दिया।
एसओ देहलीगेट विजय गुप्ता भी थाने की फोर्स के साथ इस दौरान शोभायात्रा की ड्यूटी में थे। एसपी सिटी का स्टाफ बंधक बनाने की जानकारी पर वह फोर्स लेकर पहुंच गए। पुलिस के पहुंचने पर कार्यकर्ता हंगामा करने लगे थे। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो कार्यकर्ताओं में भगदड़ मच गई। पुलिस ने सपा नेता पार्षद शाहिद और जफ्फर को गिरफ्तार कर लिया।
24 नामजद, 60 अज्ञात पर केस
एसओ विजय गुप्ता के मुताबिक सपा नेता आकिल मुर्तजा, वसीम राहुल, संगीता राहुल, संजय यादव, आदिल अंसारी (पार्षद), जफ्फर चौधरी, गुलशेर राणा, गजनफर अलवी, नौशाद कुरैशी, सुरेश यादव, जयवीर सिंह (पूर्व जिलाध्यक्ष), मनोज चावला, शाहिद पहलवान, समसुद्दीन कुरैशी, अहतेशाम इलाही, पवन गुर्जर, शकील भारती, अदनान, यासीन पहलवान, हिजबुर्रहमान, इमरान, हरिभूषण खटीक, मेरुमा यादव सहित 24 को नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
लखनऊ तक गूंजा मामला
एसपी सिटी कार्यालय के समक्ष पुतला फूंकने व कार्यालय की तालाबंदी पर लाठीचार्ज का मामला लखनऊ तक गूंज गया। इसकी रिपोर्ट एलआईयू ने शासन को भेज दी। लखनऊ से एडीजी जोन, आईजी, डीआईजी और एसपी सिटी से मामले के बारे में पूछा गया। एसपी सिटी कार्यालय में मुंशी व टेलीफोन ड्यूटी पर सिपाही ही था। थाना पुलिस भी शोभायात्रा में थी। इसकी जानकारी सपाइयों को थी।
पहले दौड़ाया, अब ढूंढ रहे
सपाइयों को पुलिस ने पहले लाठीचार्ज कर दौड़ाया, अब उन्हें ढूंढने में जुटी है। सपाइयों ने भी आरोप लगाया कि लाठीचार्ज में उनको चोट आई। देर रात एसपी सिटी, सीओ कोतवाली व एसओ देहलीगेट ने नामजद सपाइयों के घरों पर दबिश दी। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। वहीं, गिरफ्तार दोनों नेताओं को छोड़ने की सिफारिश का दौर चलता रहा। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने साफ इंकार कर दिया।