मेरठ। पुलिस परीक्षा में सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ कर आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है, लेकिन पुलिस राणा गैंग का नेटवर्क तोड़ने में असफल दिख रही है। विवेचना में सामने आया कि जेल भेजे गए आरोपी शकील से सरगना अरविंद राणा की लगातार बातचीत होती थी। 14 दिन में 1740 सेकेंड बात होना बताया गया है।
उत्तर प्रदेश में 18 और 19 जून को कई जनपदों में पुलिस परीक्षा हुई। इसमें नकल कराने के ठेके तक छूटे। नकल कराने में माहिर अरविंद राणा निवासी बड़ौत का नेटवर्क हरियाणा तक फैंला है। नकल के लिए सॉल्वर गैंग तैयार किया और परीक्षा सेंटर तक तार जोड़ दिए। हालांकि पुलिस और एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग का मिशन कहीं पूरा नहीं होने दिया। मेरठ एसटीएफ टीम ने 24 लोग गिरफ्तार कर 10.08 लाख रुपये बरामद किए थे।
जिसमें एक शकील नाम का आरोपी भी था। इस मामले की जांच कंकरखेड़ा थाना पुलिस द्वारा कराई जा रही है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो शकील के मोबाइल की कॉल डिटेल में परीक्षा से पांच दिन पहले 14 दिन तक शकील से लगाकर राणा गैंग की बात हुई। पुलिस अरविंद के खिलाफ सुबूत जुटा रही है। पुलिस ने बताया कि अरविंद राणा हर परीक्षा में अपना नेटवर्क तैयार करता है। पुलिस वाले भी परीक्षा में नकल कराने के लिए उसके संपर्क में जाते है।