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स गिंर निकला रंगदारी मांगने वाला बदमाश

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मेरठ।
कुख्यात मोनू जाट का नाम लेकर डेयरी संचालक से दस लाख की रंगदारी मांगने वाला सिंगर निकला। सिंगर ने अपने दोस्त के साथ डेयरी संचालक पर गोलियां चलाई थीं और फिर कॉल कर रंगदारी मांगी थी। वहीं इस मामले को सिविल लाइन थाना पुलिस फर्जी बताती रही। उधर, क्राइम ब्रांच ने सिंगर और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
एसपी क्राइम शिवराम यादव और एएसपी सतपाल सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता बताया कि पकड़े गए आरोपी समर्थ सिंह जाखड़ निवासी करनावल सरूरपुर व अतुल मलिक उर्फ रफ्तार निवासी बहावड़ी शामली हैं। आरोपी समर्थ सिंगर है और यू-ट्यूब पर वह अपने गानों की वीडियो अपलोड करता है। एसपी क्राइम का कहना है कि 14 फरवरी को डेयरी संचालक बिजेंद्र सिंह निवासी किनानगर भावनपुर को आरोपी समर्थ ने कॉल कर दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच प्रभारी अरविंद कुमार व उनकी टीम ने मेरठ कॉलेज के पास दोनोें आरोपी समर्थ व अतुल की घेराबंदी कर ली। दोनों आरोपी बाइक पर थे और पुलिस को देखकर भागने लगे। क्राइम ब्रांच टीम ने वेस्टर्न कचहरी रोड पर पीछा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से दो तमंचे और लूटा हुआ मोबाइल बरामद हुआ है।
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अखबारों में पढ़ा था मोनू जाट नाम
प्रेसवार्ता में आरोपी समर्थ ने बताया कि वह सिंगर है और कई बार मुंबई भी जा चुका है। वीडियो शूट करने में काफी खर्चा आता है। परिवार वाले खर्च की भरपाई नहीं कर रहे थे। समाचार पत्रों में मोनू जाट का नाम बहुत पढ़ा था। उसके दोस्त अतुल मलिक ने भी मोनू जाट के बारे में बताया कि वह बड़ा बदमाश है और रंगदारी मांगता है। तभी दोस्त के साथ मिलकर रंगदारी मांगी। सिविल लाइन के नंगला बट्टू में वह किराये के मकान में रहते थे। डेयरी संचालक को रोजाना देखते थे। इसलिए उसको ही टारगेट बनाया। रंगदारी मांगने के लिए उन्होंने मोदीपुरम पुल के पास से एक मोबाइल लूटा था। जिससे रंगदारी मांगी।
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पुलिस बता रही थी संदिग्ध
डेयरी संचालक बिजेंद्र सिंह पर 12 फरवरी को जानलेवा हमला हुआ था। 13 फरवरी बिजेंद्र के फोन पर कॉल कर 10 लाख की रंगदारी मांगी गई। उसने थाने जाकर पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस मामले को संदिग्ध बताती रही। बिजेंद्र और उसका परिवार दहशत में था। कई दिन उसने डेयरी भी नहीं खोली। 14 फरवरी को मामला एसएसपी तक पहुंचा, तब जाकर केस दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी सर्विलांस को दी और पल्ला झाड़ लिया था।
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