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नौकरी की आड़ में ठगी का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार

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नौकरी की आड़ में ठगी का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार
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- क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने परतापुर पुलिस के साथ की कार्रवाई
- सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन डालकर युवाओं से करता था खिलवाड़
- अब तक सैकड़ों लोगों को बनाया निशाना, महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल और परतापुर पुलिस ने नौकरी की आड़ में ठगी का पर्दाफाश कर एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह युवक सोशल मीडिया पर नौकरी के फर्जी विज्ञापन देकर युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने उनके पास से ठगी से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार मूल रूप से बिहार के जिला भागलपुर की सूर्यलोक कालोनी निवासी (हाल पता- मंडावली दिल्ली) अमित कुमार वर्मा पुत्र प्रहलाद सिंह ने कुछ दिन पहले ई-मेल से मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजा था। अमित का आरोप था कि मेरठ निवासी मनीष त्यागी ने पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने के नाम पर उसे फर्जी नियुक्ति पत्र जारी कर 25500 रुपये की धोखाधड़ी की है। अब पैसा मांगने पर उसे धमकी मिल रही है। उसने मनीष का फोन नंबर भी दिया। पुलिस ने फोन की लोकेशन की मदद से उसकी तलाश शुरु कर दी। परतापुर थाने में मनीष के खिलाफ मामला भी दर्ज किया। बुधवार को पुलिस ने मनीष त्यागी पुत्र वीरेंद्र त्यागी निवासी मोहल्ला मातावाला खरखौदा को शताब्दीनगर से गिरफ्तार किया।
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ठगी के राज खोलेगी जांच
मनीष के पास से पुलिस को दो रजिस्टर मिले हैं। उसमें सैकड़ों लोगों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं। संभावना जताई जा रही है कि यह नंबर उन लोगों के हैं, जिनसे मनीष ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी की है। इसके अलावा दो लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक, तीन एटीएम कार्ड, जॉब ऑफर लेटर व 700 रुपये भी बरामद किए हैं।
एफबी पर डालता था विज्ञापन
पुलिस पूछताछ में मनीष ने बताया कि सोशल मीडिया से हर युवा जुड़ा है। इसलिए उसने फेसबुक को ही ठगी का आधार बनाया। वह पोस्ट ऑफिस, भारतीय रेल के अलावा बड़ी-बड़ी कंपनियों के फर्जी विज्ञापन बनाकर फेसबुक पर अपलोड करता था। युवा उससे संपर्क करते। संपर्क करने वाले लोगों का ही उसने रजिस्टर बनाया हुआ था। व्हाट्सअप और ई-मेल पर ऑफर लेटर और ज्वाइनिंग लेटर भेजकर ही वह अपने एकाउंट में पैसा जमा कराया करता था।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
मनीष का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है। इसके सुबूत भी मिले हैं। पुलिस ने उसके पास से विनय कुमार नाम के शख्स के फर्जी वोटर आईडी और पैन कार्ड बरामद किये हैं। इनकी मदद से वह बरेली में अलग-अलग बैंकों में 9 खाते खुलवा चुका है। इन खातों में कितना पैसा जमा हुआ और कितने लोग इस गिरोह से जुड़े हैं, पुलिस अब इसकी तफ्तीश में जुटी है।
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वर्जन:::
मनीष त्यागी से पूछताछ की जा रही है। गिरोह से कितने लोग जुड़े हैं और इसका कहां-कहां नेटवर्क फैला है। इसका पता लगाया जा रहा है। बैंक अकाउंट भी बहुत कुछ राज खोलेंगे।
- अविनाश पांडेय, एसपी देहात
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