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असामाजिक तत्वों ने सरकारी विद्यालय में आग लगाई

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- उच्च प्राथमिक विद्यालय केसरगंज में मंगलवार देर रात वारदात
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- किताबें, रिकॉर्ड और फर्नीचर सब जला, नहीं पहुंचा कोई अधिकारी
- नगर शिक्षा अधिकारी का कहना, कई बार की शिकायत नहीं सुनती पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। स्कूली बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल देने के दावों को असामाजिक तत्वों ने मंगलवार रात केसरगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय में आग लगाकर धता बता दिया। आग से सभी सामान जलकर राख हो गया। नगर शिक्षा अधिकारी के अनुसार कई बार शिकायतों के बावजूद पुलिस ने नहीं सुनी। असामाजिक तत्वों ने स्कूल में आग लगाई है। इसकी विभागीय जांच कराने के साथ ही थाना रेलवे रोड पर तहरीर दे दी गई है।
इस विद्यालय में 25 बच्चे पढ़ते हैं। भवन जर्जर है। बिजली कनेक्शन भी कटा है। जिससे साफ है कि स्कूल में आग शॉर्ट सर्किट से नहीं लगी। प्रधानाचार्य कक्ष के पीछे कमरे से आग लगायी गयी। छत का काफी हिस्सा खाली है। जिससे अनुमान है कि असामाजिक तत्वों ने छत पर चढ़कर कमरे में रखे सामान में आग लगायी। जो रात भर पूरे स्कूल में फैल गयी। स्कूल में रखी सभी सेफ अलमारी, उसमें रखीं किताबें, रिकॉर्ड, बच्चों के बैठने का फर्नीचर आदि सामान जलकर राख हो गया। स्कूल में बुधवार को बच्चे शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे। जो आग से जले सामान में अपनी किताबें ढूंढने लगे।
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यहां असामाजिक तत्वों का डेरा
यह स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित है। स्कूल के मुख्य गेट पर शराब की दुकान है तो स्कूल परिसर में 24 घंटे नशेड़ियों का डेरा रहता है। बराबर में पूर्व पार्षद सईद सज्जू का मन्नत नाम से मंडप संचालित है। आरोप हैं कि मंडप में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने आने वाले सभी लोग अपने वाहनों को पार्किंग के रूप में विद्यालय परिसर का ही इस्तेमाल करते हैं। यानी सरकारी भूमि पर होने वाली वाहन पार्किँग से भी धन कमाया जा रहा है। यही नहीं मंडप के दो गेट विद्यालय परिसर में खोले हुए हैं। मंडप का अधिकतर सामान विद्यालय परिसर में रखा जाता है। पूर्व में भी कई बार विरोध हुआ। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग और पुलिस कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। इस संबंध में पूर्व पार्षद को कॉल की गई। लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं की। वहीं, स्कूल परिसर में रात में ई-रिक्शा की बैटरियां अवैध रूप से चार्ज होती हैं।
विरोध करना मतलब जान पर खेलना
स्कूल के हेडमास्टर सरफराज का कहना है कि स्कूल की अलमारियों में समस्त रिकॉर्ड और किताबें रखी थीं। सारा फर्नीचर जल गया। स्कूल परिसर में जहां दिन भर लोग शराब आदि नशा करते हैं। वहीं छत पर आपत्तिजनक कार्य भी होते हैं। मन्नत मंडप के दो गेट विद्यालय परिसर में खोले गए हैं। मंडप में आने वाले सभी वाहनों को स्कूल परिसर में ही खड़ा किया जाता है। पिछले दिनों विरोध करने पर कुछ लोगों ने ईंटों से हमला कर दिया था। सिर में सात टांके आए थे। स्कूल में असामाजिक तत्वों का विरोध करना जान को जोखिम में डालना है। पुलिस और अधिकारियों से कई बार शिकायत कर चुके हैं।
असामाजिक तत्वों ने ही लगाई आग
नगर शिक्षा अधिकारी सूर्यकांत गिरी का कहना है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए हमने दिसंबर में भी थाने में तहरीर दी थी। पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। हमने स्कूल की चारदीवारी पर लगे गेट पर ताले लगवाए। जिनको वहां के लोग तोड़कर अपनी गाड़ी स्कूल परिसर में खड़ी करते हैं। मंडप संचालक से कई बार स्कूल परिसर में गेट खोलने और वाहन खड़े करने का विरोध किया जा चुका है। लेकिन वह सुनते ही नहीं हैं। असामाजिक तत्वों ने ही स्कूल में आग लगायी है। आग की जांच विभागीय स्तर पर जांच की जाएगी। थाना रेलवे रोड में तहरीर दे दी गयी है।
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सूचना जीडी में दर्ज
स्कूल प्रबंधन ने आग की सूचना दी है। इसमें आग से क्या-क्या नुकसान हुआ है, इसका जिक्र किया गया है। सूचना जीडी में दर्ज करा दी गई है। जहां तक पूर्व में शिकायत की बात है तो इसकी जानकारी मुझे नहीं है। शिकायत मिलने पर पुलिस कार्रवाई जरूर करेगी। -इंद्रपाल, थानाध्यक्ष रेलवे रोड
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