12 फरवरी को किया था बच्चे का अपहरण, 13 को मिला था शव
करना चाहता था गलत काम, विरोध करने पर मार डाला था
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। लिसाड़ी गेट में पांच दिन पहले हुई बच्चे की हत्या का रविवार को खुलासा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार यह बच्चा घर का इकलौता चिराग था। आरोपी ने गलत काम करने का प्रयास किया था। विरोध करने पर उसने बच्चे को मार डाला था। हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि लिसाड़ी गेट क्षेत्र निवासी एक बच्चे का विगत 12 फरवरी को अपहरण हो गया था। उसका शव खाली प्लॉट में खून से लथपथ मिला था। हत्या के इस मामले में लिसाड़ी गेट पुलिस ने बच्चे के रिश्ते के चाचा रिजवान पुत्र मंजूर निवासी जाकिर कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपी ने पूछताछ में जानकारी दी कि वह बच्चे को बहला फुसलाकर ले गया था। उसे लगा कि बच्चा घर जाकर उसका भांडा फोड़ देगा। इसके चलते उसने बच्चे के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था। उसके बाद ईंट से चेहरा कुचल दिया था। हत्या को नृशंसता से अंजाम देने के बाद आरोपी घर जाकर सो गया था।
फुटेज से हुआ खुलासा
एसपी सिटी के अनुसार करीब 12 साल का यह बच्चा एक दुकान पर काम सीख रहा था। आरोपी घटना की वाली रात बच्चे को दुकान से लेकर गया था। इस दौरान वह सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया था। पुलिस ने जब जांच की जो रिजवान ही आरोपी निकला। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त ईंट भी बरामद कर ली गई।
‘इसका एनकाउंटर करना चाहिए था’
प्रेस वार्ता में मौजूद बच्चे के पिता और अन्य परिजनों ने एसपी सिटी से कहा कि इस रिजवान ने हमारे रिश्ते को कलंकित कर दिया। वैसे हमारा भाई का रिश्ता है। लेकिन या तो इसे आप सजा दो, नहीं तो हमारे हवाले कर दो। इसने जो हरकत की है, उसे देखते हुए इसका एनकाउंटर करना चाहिए। इस पर पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। पीड़ित पक्ष ने कहा कि आरोपी ने इकलौता चिराग बुझाकर पूरा परिवार बर्बाद कर दिया। इसे सख्त सजा दी जाए।