- परतापुर के सोरखा गांव में गोलियां बरसाकर की वारदात
- पिता की हत्या में चश्मदीद गवाह था बेटा और उसकी मां
- मरने वाला सपा नेता था, सीसीटीवी कैमरे में कैद आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
परतापुर इलाके में पिता की हत्या के चश्मदीद बेटे व उसकी मां को बुधवार को सरेआम गोलियां से भून डाला। पहले कार में जा रहे बेटे की रास्ते में रोककर हत्या की गई और उसके बाद हत्यारे घर पहुंचे और घर के बाहर बैठी मां पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसको भी मार डाला। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में वारदात कैद हो गयी। हत्यारों को किसी का भय नहीं था। एक के बाद एक कई गोलियां चलाई गई। हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को दोनों की कोर्ट में गवाही होनी थी और गवाही न देने के लिए दोनों को कई दिनों से धमकी दी जा रही थी।
वारदात परतापुर थानाक्षेत्र के सोरखा गांव में पूर्वाहन 11:15 बजे की है। भोलू उर्फ बलविंद्र (26) पुत्र स्व. नरेंद्र सांगवान स्विफ्ट से कहीं जाने के लिए घर से निकला। घर से 500 मीटर दूर ही पहुंचा होगा कि बाइक सवार तीन युवकों ने उसकी कार के आगे बाइक लगाकर उसको रोक लिया। भोलू कुछ समझ पाता इससे पहले ही युवकों ने भोलू पर गोलियों की बौछार कर दी। सिर से लेकर पेट तक कई गोलियां उसको निशाना बनाकर मारी गयी। उसको 11 गोलियां लगीं। जब हत्यारों को यकीन हो गया कि भोलू मर चुका है तो वे हाथों में हथियार लेकर भोलू के घर पर पहुंचे और घर के बाहर बैठी भोलू की मां विचित्रा (55) की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी।
हत्यारों ने मौके पर मौजूद भोलू की पत्नी कंचन व बुआ बीरवती को धमकी दी कि अगर मुंह खोला तो वह उनकी भी हत्या कर देंगे। हत्या के बाद युवक घर के पीछे जंगल से रास्ते से फरार हो गए। चश्मदीद कंचन व बीरवती ने बताया कि दो हत्यारे मांगे व उसका भांजा गोलू थे। तीसरा आरोपी कौन था, उसको वे नहीं जानती। भोलू के पिता नरेंद्र की 20 अक्टूबर 2016 को हत्यारोपी मांगे के भाई शोबिर ने हत्या कर दी थी। जिसमें भोलू और उसकी मां निचित्रा चश्मदीद गवाह थी। आरोपी शोबिर जेल में बंद है।
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मां-बेटे की हत्या करने वालों की तलाश में एसएसपी मेरठ व उनकी टीम लगी है। हत्यारोपी परिवार के ही बताए गए है। नामजद मुकदमा पंजीकृत कराया जा रहा है। प्राथमिक जांच में प्रधानी के चुनाव में रंजिश बताई गई है।
प्रशांत कुमार, एडीजी मेरठ जोन