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हत्या के मामले में बखेड़ा

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थाने से हत्यारोपी को छुड़ाने का प्रयास, लाठीचार्ज
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31 मार्च को लिसाड़ीगेट में युवक की गोली मारकर की थी हत्या
बवाल करने के आरोप में मृत युवक के मामा को किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
लिसाड़ीगेट क्षेत्र में शाहआलम उर्फ आशी की हत्या के मामले में पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को मृत युवक के परिजनों ने लिसाड़ीगेट थाने में बवाल किया। उन्होंने युवक की हत्या का बदला लेने के लिए हत्यारोपियों को हवालात से छुड़ाने का प्रयास किया। हाथापाई करने पर पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया। वहीं बवाल कराने के आरोपी मृत युवक के मामा को गिरफ्तार कर लिया।
चमड़ा पैठ जाकिर कॉलोनी निवासी शाह आलम उर्फ आशी (18) पुत्र इस्लामुद्दीन की 31 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने नामजद आरोपी रिहान को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि रिहान की रिश्तेदार युवती से आशी की नजदीकी थी। इसी वजह से उसकी हत्या की गई। शुक्रवार को दूसरे नामजद आरोपी सद्दीकनगर निवासी उजेफा पुत्र अनवार ने दिल्ली में सरेंडर कर दिया था।
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शनिवार को आशी पक्ष के लोगों को पता चला कि हत्यारोपी उजैफा लिसाड़ीगेट थाने की हवालात में है तो पीड़ित पक्ष के लोग थाने पहुंचकर हंगामा करने लगे। उन्होंने कहा कि हत्या में युवती के पिता को भी गिरफ्तार किया जाए। भीड़ हवालात तक पहुंच गई और पुलिस से हाथापाई कर कहा कि हत्या का बदला आज ही लेंगे।
लाठीचार्ज कर खदेड़ा
पुलिस ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया तो लोग मारपीट करने लगे। हत्यारोपी को जबरन छुड़ाने की कोशिश की तो पुलिस फोर्स ने लाठीचार्ज कर भीड़ को थाने से खदेड़ दिया। पुलिस ने आशी के मामा शहजाद को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ बवाल करने में रिपोर्ट दर्ज की। बाद में सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। शहजाद को जेल भेजा गया है। अन्य आरोपी भी गिरफ्तार किए जाएंगे।
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उजेफा ने मारी थी आशी को गोली
सीओ दिनेश शुक्ला ने बताया कि रिहान और उजेफा जेल जा चुके हैं। पूछताछ में उजेफा ने बताया कि उसने कॉल करके आशी को घर बुलाया था। उसने ही तमंचे से आशी के सीने में गोली मारी थी। सबूत मिटाने के बाद रिक्शा में डाला और अस्पताल में भर्ती कराने की बात कहकर चल दिए। भीड़ आने लगी तो ई रिक्शा से शव फेेंककर फरार हो गए। सीओ ने बताया कि एक साल पहले शताब्दीनगर में हुई मुठभेड़ में उजैफा के पैर में पुलिस की गोली लगी थी। उजेफा को पुलिस रिमांड पर भी लेगी।
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