तीन माह पहले पीटा था और अब कत्ल
रिहान की रिश्तेदार से शाह आलम के थे करीबी संबंध
शाहआलम की रिहान और उजैफा से थी पुरानी दोस्ती
शनिवार रात पार्टी के दौरान बनी थी हत्या की प्लानिंग
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
शाहआलम उर्फ आशी की हत्या के मामले में पुलिस दोनों हत्यारोपियों तक पहुंच गई है। पुलिस ने आरोपी के घर से शाह आलम की स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किया है। जांच में सामने आया कि तीन माह पहले आरोपी रिहान ने अपने साथियों के साथ शाह आलम की सरेआम पिटाई की थी। रिहान ने कहा था कि युवती से बात करना छोड़ दे, नहीं तो जिंदगी खत्म समझना।
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला के अनुसार, शाह आलम के एक साल से रिहान की भांजी से करीबी संबंध थे। दोनों के परिजनों को इस बात का पता था। लेकिन रिहान को यह पसंद नहीं था। इसी मामले को लेकर तीन माह पहले आरोपी रिहान ने शाह आलम को पीटा था। तीन दिन पहले शाह आलम, रिहान की भांजी से मोबाइल पर बात कर रहा था। यह बात रिहान को पता चल गई। इसके बाद रिहान ने हत्या की प्लानिंग की।
शनिवार रात को रिहान ने दोस्त उजैफा से हत्या के लिए मदद मांगी। उजैफा ने फोन करके शाह आलम को घर बुलाया। वहां रिहान भी मौजूद था। तीनों ने एक साथ खाना खाया। इस दौरान उजैफा ने शाह आलम से कहा कि तेरा रिहान से जो भी विवाद है, उसे भूल जा। हम तीनों दोस्त हैं और दोस्त ही रहेंगे। सीओ ने बताया कि रविवार को शाहआलम ने फिर रिहान की भांजी से मोबाइल पर बात की। इसके बाद रिहान ने उजेफा की मदद से शाह आलम को घर बुलाया। वहां प्लानिंग के तहत उसकी हत्या कर दी।
मामा है बम कांड का आरोपी
सीओ के अनुसार, आशी जेल में बंद शाहिन सैफी का रिश्तेदार है। शाहिन की एक कुख्यात से भी नजदीकी है। मरने वाला युवक पीएसी बम कांड 1987 के मुख्य आरोपी अय्यूब का रिश्ते में भांजा था।
मुठभेड़ में जेल गया था हत्यारोपी
पुलिस का कहना है कि एक साल पहले परतापुर के शताब्दीनगर में इरशाद उर्फ काला, आसिफ और उजेफा की पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी। तीनों बदमाशों को गोली लगी थी। इसमें उजेफा भी जेल गया था।
मोबाइल की कॉल डिटेल
सीओ का कहना है कि आशी का मोबाइल आरोपी उजेफा के घर से बरामद हुआ है। कॉल डिटेल से पता चला कि आशी की एक युवती से लगातार बात होती थी। रविवार को भी तीन बार उनके बीच लंबी बात हुई थी।