मेरठ। रिटायर्ड फौजी सुशील कुमार की हत्या के मामले में फरार चल रहे नामजद आरोपी लक्की को परतापुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर परतापुर दीपक शर्मा ने बताया कि परतापुर थाने से सटी सावरकर कॉलोनी में रहने वाले लक्की के घर में विगत 13 अगस्त की रात रिटायर्ड फौजी सुशील कुमार की डबल बैरल गन से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मूल रूप से गांव नेक थाना जानी निवासी सुशील इसी कॉलोनी में ही परिवार के साथ रहता था। पीड़ित पक्ष ने हत्या के आरोप में लक्की, उसके भाई विक्की और भाभी गीता को नामजद किया था। पुलिस ने विक्की और उसकी पत्नी गीता को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। जबकि फरार चल रहे लक्की पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
गाजियाबाद में गार्ड से लूटी थी गन
इंस्पेक्टर के अनुसार हत्यारोपी लक्की से चोरी की बाइक, हत्या में प्रयुक्त डबल बैरल गन, एक तमंचा और एक कारतूस बरामद हुआ है। पूछताछ में उसने बताया कि डबल बैरल गन उसने 10 अगस्त को गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र के राजनगर एक्सटेंशन के सुरक्षा गार्ड महेश कुमार शुक्ला से लूटी थी। इसकी रिपोर्ट सिहानी गेट थाने में दर्ज है। लक्की के खिलाफ थाना परतापुर और गाजियाबाद जिले में गुंडा एक्ट, मारपीट, धमकी देने आदि धाराओं में करीब 14 मुकदमे दर्ज हैं।
यह बताया हत्या का कारण
इंस्पेक्टर के अनुसार सुशील का लक्की के घर आना-जाना था। पूछताछ में सामने आया कि करीब एक माह पूर्व लक्की का सुशील से झगड़ा हो गया था। जिसके बाद से लक्की और उसका भाई विक्की सुशील से अंदरखाने रंजिश रखने लगे थे। वहीं, दोनों भाइयों को शक था कि सुशील की घर की महिलाओं को लेकर नजर सही नहीं है। सुनियोजित साजिश के तहत लक्की 13 अगस्त की रात सुशील को अपने घर बुलाकर लाया था। पुरानी बात खत्म करने की बात कहते हुए दोनों भाइयों ने सुशील को ज्यादा शराब पिलाई। सुशील ने खाना अपने घर जाकर खाने की बात कही तो विक्की ने अपनी पत्नी गीता से पराठे बनवाकर उसे खिलाए। सुशील जब ज्यादा नशे में हो गया तो दोनों भाइयों ने उसके सिर पर किसी चीज से प्रहार किया। लेकिन सुशील उनके कब्जे से छूटकर भागा तो लक्की ने डबल बैरल गन से उस पर दो फायर किए। एक गोली सुशील की पीठ में लगी जबकि दूसरी मिस हो गई थी। गोली लगने से सुशील की मौके पर ही मौत हो गई थी।
खास बात
- 13 अगस्त की रात परतापुर थाने से सटी कॉलोनी में की थी हत्या
- गिरफ्तार हत्यारोपी लक्की पर मेरठ, गाजियाबाद में 14 मुकदमे