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भाजपा नेता सहित सात पर छेड़छाड़ व एससी/एसटी एक्ट में केस दर्ज

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मेरठ/कंकरखेड़ा।
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दायमपुर गांव में दो पक्षों में हुए संघर्ष का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भाजपा नेता व उसके परिवार पर हमले के मामले में एक पक्ष के चार लोगों को पुलिस जेल भेज चुकी है। वहीं शनिवार को दलित पक्ष की ओर से भाजपा नेता समेत सात लोगों पर छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट की धारा में केस दर्ज हुआ। इस मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति है।
कंकरखेड़ा क्षेत्र के दायमपुर गांव में 17 मई को भाजपा नेता राजकुमार शर्मा ने दलित पक्ष के 19 लोगों पर केस कराया था। पुलिस ने शुक्रवार को नामजद जोनी, मोनू, जगन और सोनू को जेल भेजे दिया। आरोप है कि दो अप्रैल को उपद्रव में दलितों पर केस दर्ज हुए थे, उसके चलते दलित दूसरी जाति के लोगों से रंजिश रखते थे। गांव में मेला लगा था। वहां से लौटते वक्त दलित पक्ष के युवकों ने भाजपा नेता पर हमला बोला था।
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वहीं सीओ दौराला पंकज सिंह ने बताया कि दलितों का आरोप है कि मेले में झूला झूल रही दलित युवतियों से भाजपा नेता राजकुमार शर्मा और उसके परिवार के सात युवकों ने छेड़छाड़ की थी। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों में मारपीट हुई है। अब दलित पक्ष की शिकायत पर राजकुमार शर्मा, विशाल, गौरव, सौरव, नीरज, विकास, माटू के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट, जानलेवा हमला व एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा पंजीकृत कर लिया।

दलितों से पुराना विवाद
पुलिस के अनुसार भाजपा नेता राजकुमार शर्मा का गांव के दलितों से पुराना विवाद है। भाजपा नेता ने दलितों के एक धार्मिक स्थल की शिकायत की थी कि वह अवैध है। मामले में कार्रवाई के लिए कई बार थाने भी पहुंचे थे। इसके अलावा राजकुमार शर्मा जूनियर हाई चलाते हैं। एक साल पूर्व दलित छात्रों की साइकिल पर लगे डॉ. आंबेडकर के स्टिकर को फाड़ दिया गया था। जिसके बाद गांव में विवाद हुआ था।
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हमें ही पीटा और हम पर केस
भाजपा नेता राजकुमार शर्मा का कहना है कि दलितों ने एक राय होकर रंजिशन उनके घर पर हमला बोला। पथराव किया और तोड़फोड़ की। उनका भतीजा सौरभ घायल भी हुआ। अब उल्टा पुलिस ने उन पर ही छेड़छाड़ व जानलेवा हमले सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर दिया। भाजपा नेता भी दर्जनों भाजपाइयों के साथ शनिवार को सीओ दौराला से मिले और निष्पक्ष जांच के बाद ही गिरफ्तारी करने की मांग की।
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