संघ कार्यकर्ता को पीटने पर सांप्रदायिक तनाव
मेरठ। लालकुर्ती क्षेत्र के बकरी मोहल्ला में मंगलवार रात दूसरे समुदाय के युवकों द्वारा संघ कार्यकर्ता को पीटने पर सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया। गुस्साए भाजपाइयों ने लालकुर्ती थाने में एसपी सिटी का घेराव कर नारेबाजी की। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार जामुन मोहल्ला लालकुर्ती निवासी आरएसएस कार्यकर्ता नकुल का आरोप है कि रविवार को पड़ोस के बच्चे खाली मैदान पर खेल रहे थे। इस बीच कुछ बच्चों ने एक बच्चे की पिटाई कर दी। बीच बचाव कराने पर आरोप है कि अयान नाम के युवक ने उसके साथ गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद दोनों पक्षों के लोगों ने बीचबचाव कराकर मामला शांत करा दिया था।
मंगलवार रात नकुल अपने भाई अंकुर और दोस्त गोपाल के साथ बकरी मोहल्ले से निकल रहा था। आरोप है कि अयान ने अपने साथियों के साथ नकुल पर हमला बोल दिया। नकुल को जमीन पर गिराकर बुरी तरह से पीटा गया। हमलावर धमकी देते हुए फरार हो गए। इस घटना के बाद दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और नारेबाजी कर दी। तनाव की सूचना पर एसपी सिटी मान सिंह चौहान, एएसपी सतपाल सिंह मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
आरएसएस कार्यकर्ता के साथ मारपीट की सूचना पर भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, कमलदत्त शर्मा, तुषार गुप्ता, वरुण गोयल, अंकित सिंघल, विशाल कनौजिया, डोली गुप्ता अन्य कार्यकर्ता भी पहुंच गए। भाजपाइयों ने थाने में एसपी सिटी का घेराव करते हुए कहा कि अगर ऐसा माहौल रहेगा तो क्या शहर ही छोड़कर चले जाएं। पुलिस के सामने भी आरोपी धमकी देकर भाग निकले और पुलिस तमाशबीन बनी रही। बाद में एसपी के निर्देश पर घायल नकुल और दो अन्य लोगों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। एसपी सिटी ने बताया कि नकुल की तहरीर पर अयान, नाजिम, फैजान, शोएब, सानू समेत 15 लोगों के खिलाफ मारपीट, धमकी देने और बलवे की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। दबिश देकर दो युवकों को हिरासत में लिया गया है।
...थाने से नहीं उठेंगे
महानगर अध्यक्ष करूणेश नंदन गर्ग ने एसपी सिटी से कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वह थाने से नहीं उठेेंगे। इस पर एसपी सिटी ने कहा कि आरोपियों के घर दबिश दी जा रही है। जल्द ही नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पहले भी हो चुका सांप्रदायिक तनाव
लालकुर्ती के बकरी मोहल्ले और जामुन मोहल्ले में पहले भी बच्चों के विवाद में सांप्रदायिक तनाव हो चुका है। करीब ढाई साल पहले जन्माष्टमी पर झांकी निकालने पर भी बवाल हुआ था, जिसके बाद एक माह तक पीएसी तैनात रही थी।