मेरठ। आरएसएस नेता रविंद्र गोसाई की हत्या में बदमाशों को हथियार सप्लाई करने वाला आरोपी परवेज उर्फ फरू पुत्र खालिद निवासी बुढ़ाना गेट कोतवाली मंगलवार को एनआईए की टीम के हत्थे चढ़ गया। एनआईए के साथ एएसपी कैंट और क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार किया। देर रात तक पुलिस और एनआईए के अधिकारी आरोपी से पूछताछ कर रहे थे। आरोपी को चंडीगढ़ कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एएसपी कैंट सतपाल सिंह के मुताबिक 17 अक्तूबर 2017 को लुधियाना में आरएसएस नेता रविंदर गोसाई की बदमाशों ने हत्या कर दी थी। एनआईए समेत कई सुरक्षा एजेंसियां इसकी जांच में जुटी थीं। एनआईए ने कई बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एनआईए की पूछताछ में बदमाशों ने बताया था कि मेरठ से परवेज उर्फ फरू ने उनको हथियार सप्लाई किए थे। जिसकी निशानदेही पर चार दिसंबर 2017 को एनआईए टीम ने कोतवाली मेरठ में पुलिस फोर्स को लेकर दबिश दी थी। इस दौरान आरोपी छत से कूदकर भाग गया था।
मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर एएसपी कैंट, क्राइम ब्रांच और एनआईए टीम ने आरोपी परवेज को कैंट स्टेशन पर दबोच लिया। आरोपी परवेज कहीं पर भागने की फिराक में था। एनआईए टीम ने आरोपी परवेज से पूछताछ की, जिसमें उसने आरएसएस नेता की हत्या करने वाले बदमाशों को हथियार देने कबूल किए। पुलिस ने सदर बाजार थाने में लिखा पढ़ी करने के बाद आरोपी को एनआईए टीम को सौंप दिया है।
मेरठ से जुड़े थे तार
पुलिस ने बताया कि आरएसएस नेता रविंद्र गोसाई की हत्या के तार मेरठ से जुड़ने के बाद मेरठ पुलिस भी एक्टिव हो गई थी। खरखौदा के पहाड़पुर गांव निवासी लालसिंह समेत तीन लोगों को एनआईए ने पकड़ा था। जिसमें खुलासा हुआ था कि आरएसएस नेता की हत्या में मेरठ के बदमाश भी शामिल थे।
सिपाही हुआ था घायल
एनआईए टीम के साथ गाजियाबाद भोजपुर में मेरठ क्राइम ब्र्रांच ने दबिश दी थी। जहां पर आरोपी मलूक के पक्ष में पुलिस टीम पर गोलियां चला दी गई थी। जिसमें क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही तहजीब को गोली लगी थी। हालांकि बाद में पुलिस टीम ने मलूक को गिरफ्तार कर लिया था।
खास बातें:
- एएसपी कैंट और क्राइम ब्रांच की टीम के साथ मिलकर की कार्रवाई
- लुधियाना में आरएसएस नेता की हत्या में सप्लाई कराए थे हथियार