मेरठ। एक सप्ताह पहले दिनदहाड़े हुई 8.90 लाख की लूट का बुधवार को खुलासा हो गया। पुलिस के अनुसार महज 15 दिन नौकरी कर कंपनी छोड़ने वाले पूर्व कर्मचारी ने साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। उसके कब्जे से 1.16 लाख रुपये बरामद हुए हैं। घटना में कंपनी के एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध बनी है।
घटना 26 दिसंबर को एक मल्टीनेशनल कंपनी के कर्मचारी रवि और गोपाल के साथ हुई थी। कंपनी का कैशियर रवि यह रकम बैंक में जमा कराने जा रहा था। एसओ टीपी नगर ब्रजेश शर्मा के अनुसार अंदेशा था कि वारदात में कंपनी से जुड़े किसी कर्मचारी ने मुखबिरी की थी। कंपनी के पुराने और वर्तमान स्टाफ की जांच में सामने आया कि भोला रोड निवासी विकास ने नवंबर में केवल 15 दिन काम कर नौकरी छोड़ दी थी। उसे पूछताछ के लिए बुलाया तो वह नहीं आया। पुख्ता जानकारी होने पर बुधवार देर रात विकास को गिरफ्तार कर लिया गया।
15 दिन में बना लिया था प्लान
एसओ के अनुसार विकास ने बताया कि उसने इन 15 दिनों में ही कंपनी के रोजाना के कैश के लेनदेन के बारे में पूरी जानकारी जुटा ली थी। भोला रोड निवासी बदमाश कपिल के साथ उसने लूट का प्लान बनाया था। वारदात में शामिल दो अन्य बदमाशों की व्यवस्था कपिल ने ही की थी। कपिल के खिलाफ जानी, टीपी नगर और ब्रह्मपुरी क्षेत्र में लूट और अपहरण के कई मामले दर्ज हैं।
सामने नहीं आया विकास
एसओ के अनुसार जांच में पता चला कि विकास की नौकरी गोपाल ने ही लगवाई थी। वारदात के दौरान विकास पहचाने जाने के डर से रवि और गोपाल के सामने न आकर घटना के दौरान आसपास ही मौजूद रहा था। पुलिस इस मामले में गोपाल की भूमिका की भी जांच कर रही है।
हिस्से आए 1.40 लाख
एसओ के अनुसार विकास ने बताया कि लूट की रकम में से उसे केवल 1.40 लाख रुपये ही मिले थे। बाकी रकम कपिल और उसके साथियों ने बांटी है। किसको क्या मिला, ये कपिल ही बताएगा। पुलिस कपिल और उसके साथियों की तलाश कर रही है।
खास बातें
एक सप्ताह पूर्व दिनदहाड़े हुई लूट का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार
लूटी गई रकम में से 1.16 लाख बरामद, अन्य बदमाशों की तलाश