प्रेमिका के साथ की बड़े भाई की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
किठौर के कायस्थ बड्ढा में चार दिन पहले हुई आरिफ की हत्या का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। खुद भाई ने अपनी प्रेमिका के कहने पर दोस्त के साथ मिलकर आरिफ की हत्या की थी। पुलिस ने मृतक के भाई समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस ऑफिस पर एसपी देहात राजेश कुमार ने प्रेसवार्ता कर बताया कि आरिफ (28) पुत्र इस्लाम निवासी कायस्थ बड्ढा की दो अगस्त की रात में गोली मारकर आरिफ की हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता ने गांव निवासी हसरत पुत्र फैयाज और उसके बेटे वकील पुत्र हसरत के अलावा बिंदर पुत्र अमरपाल निवासी भटीपुरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर किठौर किशनपाल सिंह ने नामजद तीनों आरोपियों को निर्दोष पाया। जिसके बाद जांच पड़ताल में आया कि मृतक के छोटे भाई ने ही हत्या को अंजाम दिया है।
एसपी देहात ने बताया कि हत्या में शामिल मृतक के भाई आसिफ व उसके दोस्त नूर मोहम्मद निवासी कायस्थ बढ्डा और सुनीता पत्नी बिंदर चौधरी निवासी भटीपुरा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद किया है। आरोपी आसिफ ने बताया कि सुनीता से उसके अवैध संबंध थे और उसके घर भटीपुरा आना जाना रहता था। उसका बड़ा भाई आरिफ विरोध करता था। आसिफ ने बताया कि जब उसने अपनी प्रेमिका सुनीता को इस बारे में बताया तो उसने पूरा प्लान बनाया। एसपी देहात ने बताया कि मृतक के छोटे भाई ने अपने पिता से फर्जी नामजदगी करा दी, जिससे वह खुद बच जाए।
सुनीता से करना चाहता था शादी
आसिफ ने कहा कि पहले वह ऑटो चलाता था। एक बार वह अपने दोस्त के साथ भटीपुरा में बिंदर के घर गया था। दो साल पहले आसिफ का बिंदर की पत्नी सुनीता से प्रेम प्रसंग हो गया। सुनीता के पांच बच्चे हैं। आसिफ ने बताया कि उसके बड़े भाई आरिफ ने सुनीता का साथ न छोड़ने पर उसको मारने की धमकी दी थी। जिसके बाद आसिफ ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर भाई की हत्या कर दी। आसिफ ने बताया कि उसे सुनीता से कोर्ट मैरिज करनी थी, लेकिन उसका भाई विरोध करता था। आसिफ नूर मोहम्मद को तीन हजार रुपये देकर रात में पार्टी के बहाने बुलाकर लाया था। घर के बाहर रात नौ बजे शराब भी पी थी। हत्या से पहले आरिफ और उसकी पत्नी को नशीला पदार्थ भी सुंघा दिया था।
पति को जहर दे देती तो अच्छा होता
एसपी देहात ने कहा कि जब इंस्पेक्टर किठौर ने आसिफ का मोबाइल लिया तो वह मना करने लगा, लेकिन पुलिस ने मोबाइल ले लिया। कॉल डिटेल में पिछले एक माह में सुनीता और आसिफ की 70 से ज्यादा बार बात हुई। इस बीच सुनीता की कॉल आ गई। सुनीता ने कहा कि आसिफ यदि मेरे पति बिंदर को अपने भाई की हत्या में जेल नहीं भिजवा सकता तो फिर बेकार है। साथ ही कहा कि इससे तो मैं अपने पति को जहर देकर मार देती तो अच्छा रहता।
विधायक और पूर्व विधायक ने बनाया था दबाव
प्रेसवार्ता में किठौर इंस्पेक्टर ने आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर एक जिले के एक भाजपा विधायक और पूर्व विधायक ने दबाव बनाया था। लेकिन तीनों की नामजदी फर्जी थी। पूरा मामला उच्च अधिकारियों को बता दिया था।
इसलिए भी कराई गलत नामजदगी
पुलिस ने बताया कि गांव में खालिद के पास राशन गल्ले की एजेंसी है, जिस पर वकील से विवाद चल रहा है। आसिफ एजेंसी को कब्जाना चाहता था। जिसने अपने पिता से कहकर वकील को फर्जी नामजद करा दिया।
खास बात
पुलिस ने किया आरिफ हत्याकांड का खुलासा, आरोपी भाई और उसकी प्रेमिका समेत तीन गिरफ्तार