मेरठ। भावनपुर इलाके में अब्दुल्लापुर नाले के पास शनिवार दिनदहाडे़ हुई मुठभेड़ में एक गोमांस सप्लायर पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके एक साथी को भी दबोच लिया गया जबकि तीसरा फरार हो गया। घायल बदमाश को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसपी सिटी मानसिंह चौहान के मुताबिक कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि मवाना, इंचौली, लावड़ समेत देहात के कई इलाकों से सेंट्रो कार से शहर में गोमांस सप्लाई किया जा रहा है। शनिवार सुबह मुखबिर ने सूचना दी कि गोमांस से भरी सेंट्रो कार इंचौली से बेगमपुल होते हापुड़ रोड की तरफ जाएगी। जिस पर एएसपी अंकित मित्तल की टीम ने बेगमपुल पर चेकिंग शुरू करा दी।
जहां पुलिस टीम को देखकर सेंट्रो सवार आरोपियों ने गाड़ी बैक कर भावनपुर की तरफ भगा दी। सूचना पाकर मेडिकल और भावनपुर पुलिस की टीमों ने अब्दुल्लापुर नाले के पास घेराबंदी कर ली। इस दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिस की एक गोली गोमांस सप्लायर इस्लू उर्फ इस्लाम निवासी गांव जई भावनपुर के पैर में लगी। पुलिस ने इस्लू के साथी मजीदनगर लिसाड़ी गेट निवासी शहजाद को भी दबोच लिया, जबकि माजिद फरार हो गया।
शातिर इस्लू पर 33 मुकदमे
एसपी सिटी ने बताया कि शातिर इस्लू पर भावनपुर व परीक्षितगढ़ थाने में 33 मुकदमे दर्ज हैं। जो पशुओं की सप्लाई के अलावा उनका कटान भी करता था। गोवध अधिनियम के तीन मुकदमों में इस्लू वांछित चल रहा था। शहजाद व माजिद पर भी इस तरह के संगीन धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं।
सपा नेता का रहता था संरक्षण
पुलिस के अनुसार ये आरोपी सेंट्रो कार से सुबह के समय देहात से शहर में गोमांस सप्लाई करते थे। कई बार पुलिस ने घेराबंदी की थी। लेकिन हर बार ये भागने में कामयाब हो जाते थे। इन आरोपियों की सेंट्रो से तमंचा और करीब दो क्विंटल गोमांस बरामद हुआ है। यह भी पता चला है कि शातिर इस्लू एक सपा नेता के संरक्षण में अब तक बचा हुआ था। पिछली सरकार में इस्लू पर पुलिस ने जब भी शिकंजा कसने का प्रयास किया था तो सपा का एक कद्दावर नेता पुलिस अफसरों को फोन कर इस्लू की पैरवी करता था। जिसके चलते पुलिस भी उन पर कार्रवाई करने से कतराती थी।
खास बातें:
- सेंट्रो कार से करते थे देहात से शहर में गोमांस सप्लाई, दो क्विंटल बरामद
- अब्दुल्लापुर मार्ग पर आमने-सामने चलीं गोलियां, दो आरोपी गिरफ्तार