खरखौदा/मेरठ। इंस्पेक्टर खरखौदा राजेंद्र त्यागी ने अपने ही खिलाफ उसी थाने की जीडी में तस्करा डाल दिया, जिस थाने में वह प्रभारी इंस्पेक्टर हैं। इंस्पेक्टर ने अपने अलावा चार दरोगाओं समेत आठ पुलिसकर्मियों के नाम तस्करे में खोले हैं। गोकशी, हत्या और डकैती जैसी वारदातों में अब अगर थानेदार हटे तो उनके साथ पूरा थाना ही हटेगा। रविवार को यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया।
खरखौदा थाने में राजेंद्र त्यागी बतौर इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं। उनका कहना है कि थाना क्षेत्र में बीट सिपाही से लेकर थाना प्रभारी तक की जिम्मेदारी होती है। किसी भी गांव में यदि चोरी हुई और चोर पकड़े नहीं गए तो इसमें बीट सिपाही की लापरवाही सामने आती है। लूट जैसे मामले में चौकी इंचार्ज या उस क्षेत्र के हल्का इंचार्ज दरोगा की लापरवाही आती है। जिसमें उनके खिलाफ खुद कार्रवाई भी करते हैं। लेकिन यदि थाना क्षेत्र में एलान के बाद हत्या, डकैती या गोकशी की घटना हुई तो इसमें थाना प्रभारी की भी जिम्मेदारी तय होती है।
इंस्पेक्टर का कहना है कि जब उन्होंने लापरवाही करने वाले सिपाहियों के खिलाफ जीडी में तस्करा डाला तो वह कार्रवाई थी। दो या तीन बार तस्करा डालने पर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी। शनिवार को गोकशी की घटना हुई तो इंस्पेक्टर ने अपनी भी लापरवाही मानी। बकौल इंस्पेक्टर, उच्च अधिकारी गोकशी जैसी घटनाओं में थाना प्रभारी को ही हटाते हैं। लेकिन तस्करा डालने से जो भी उस समय क्षेत्र में थे वह भी जिम्मेदार हैं, चाहे इंस्पेक्टर ही क्यों न हों।
इनके खिलाफ डाला गया तस्करा
क्षेत्र में हुई गोकशी को लेकर इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने अपने खिलाफ, हल्का इंचार्ज एसआई प्रेम प्रकाश सिंह, एसआई चंद्र किशोर और बीट सिपाही अनिल तेवतिया, नाइट अफसर एसआई सुनील कुमार, कांस्टेबल आजाद, नीलेश सभी के खिलाफ जीडी में तस्करा डाला। साथ ही इंस्पेक्टर ने सभी के खिलाफ लापरवाही मानते हुए गोकशी की घटना के बारे में बताया। इंस्पेक्टर का कहना है कि पूरे स्टाफ की लापरवाही को कारण मानते हुए मैंने जीडी में तस्करा डलवाया है। जिससे स्वयं सहित पूरे स्टाफ की कार्यशैली को बदलने की जरूरत है।
यह था मामला
छतरी-खड़खड़ी पर कृपाल सिंह के खेत में इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी को गोकशी की सूचना मिली थी। इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी मौके पर मांस छोड़कर भाग निकले। वे गोवंश को पूरी तरह काट नहीं पाए थे। पुलिस ने मीट, अवशेष और औजार बरामद किए थे। लेकिन गोवंश की पुष्टि कर दी। बाद में पुलिस ने मौके पर ही गड्ढा खुदवाकर मीट को दबवा दिया। पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की।
यह सराहनीय कदम
खरखौदा इंस्पेक्टर द्वारा अपने और अन्य के खिलाफ थाने की जीडी में तस्करा डाला गया है। यह इंस्पेक्टर का सराहनीय कदम है जिन्होंने अपनी भी जिम्मेदारी तय की है। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है। -राजेश कुमार, एसपी देहात
खास बातें:
गोकशी, हत्या और डकैती पर इंस्पेक्टर खरखौदा ने सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक की जिम्मेदारी तय की
लखनऊ तक पहुंचा मामला, स्थानीय पुलिस अफसरों ने बताया सराहनीय कदम