मेरठ। शहर के प्रमुख दस चौराहों पर इसी माह में ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएंगे। इससे जहां इन चौराहों से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेटों पर खास नजर रहेगी, वहीं आपराधिक घटनाएं खोलने में भी मदद मिलेगी।
शहर में आपराधिक घटनाओं पर शिकंजा कसने के लिए छह माह पहले एएनपीआर कैमरे लगाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने प्लान तैयार किया था। प्रथम चरण में शहर में 34 स्थानों पर उच्च क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। उसके बाद पुलिस लाइन में आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम शुरू हुआ। अब एएनपीआर कैमरों को लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
इन स्थानों पर लगेंगे कैमरे
कमिश्नर आवास चौराहा, तेजगढ़ी, एल ब्लॉक तिराहा शास्त्रीनगर, मोदीपुरम तिराहा, रोहटा फ्लाईओवर, बागपत रोड फ्लाईओवर, परतापुर तिराहा, कंकरखेड़ा, जीरो माइल और हापुड़ अड्डा चौराहे का प्रस्ताव बनाया गया है।
कहां से होगी फंडिंग
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी ने बताया कि एक चौराहे पर कैमरों समेत टॉवर का खर्च करीब एक लाख दस हजार रुपये आएगा। एमडीए से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए 87 लाख रुपये मिलने थे। इनमें से अभी नौ लाख रुपये बचे हुए हैं। जिसके लिए एसएसपी के माध्यम से एमडीए के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। बाकी पैसा ट्रैफिक विभाग जुटाएगा।
वाहनों की नंबर प्लेट होगी कैद
एएनपीआर कैमरों का फोकस चौराहे से निकलने वाले प्रत्येक वाहन की नंबर प्लेट पर रहेगा। जो भी वाहन निकलेगा, उस वाहन की नंबर प्लेट पर लिखा हुआ नंबर कैमरे में कैद हो जाएगा। जिसके बाद पुलिस मुख्य स्थानों से निकलने वाली गाड़ियों में से किसी भी वाहन को आसानी से ट्रेस कर सकेगी।
आसान नहीं होगा बच निकलना
मुख्य स्थानों पर एएनपीआर कैमरे लगाए जाने से बदमाशों का बच निकलना आसान नहीं होगा। अपराध की घटनाओं पर भी रोक लगेगी। किसी भी घटना को अंजाम देकर अपराधी किसी भी वाहन से भागे तो वह पुलिस की पकड़ में आसानी से आ सकेंगे। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी
खास बातें:
ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) कैमरे से लैस होंगे शहर के प्रमुख 10 चौराहे
आपराधिक घटनाएं खोलने में भी मिलेगी मदद