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क्या करने आया था शूटर
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गोली चलने के पीछे गैंगवार की दस्तक तो नहीं। इस मामले को भी गैंगवार से ही जोड़कर देखा जा रहा है। जिस तरह शूटर को बुलाया गया और गोली लगने के बाद पुलिस को भी मामले से दूर रखा गया, उससे तो यही लग रहा है। आरिफ का परिवार भी लापता है। पुलिस ने एक सप्ताह तक इस मामले में चुप्पी साधे रखी। सीसीटीवी फुटेज में आरिफ के घर से बाइक पर युवक को ले जाया गया। उसके बाद एंबुलेंस में लाया गया। ये भी रहस्य की तरह है। वापस लाकर दोबारा अस्पताल में भर्ती कराना भी गले नहीं उतर रहा है। पुलिस ये तो कह रही है कि शूटर की मौत की चर्चा है, लेकिन मौत कब हुई। शव कहां गया, इससे मामला उलझा है।
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