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17 बच्चियों से की थी दरिंदगी, खुलेंगे और राज

Sat, 04 May 2019 03:31 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अपराध - फोटो : अमर उजाला
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हैवान विमल चंद ने निठारी जैसा कांड किया है। बच्चियाें से बचपन छीनकर विमल चंद ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और बच्चियों की काउंसलिंग में सारा राजफाश होगा। अंदेशा है कि 17 बच्चियाें से आरोपी ने दरिंदगी की है। पुलिस का दावा कि अभी छह बच्चियों के नाम का पता चला है। अन्य की जानकारी जुटाई जा रही है।
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एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, सीओ सिविल लाइन हरिमोहन सिंह, क्राइम ब्रांच व मेडिकल थाना पुलिस ने आरोपी विमल चंद से बृहस्पतिवार रात पूछताछ की। इस दौरान आरोपी ने कई ऐसी बच्चियों के नाम बताए, जिनका पुलिस को पता नहीं था। उसने बताया कि बच्चियों को नौकरानी लेकर आती थी। इस कारण बच्चियों की ज्यादा जानकारी उसे नहीं है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर पीड़ित तीनों बच्चियां से जानकारी ली। इसके आधार पर करीब 17 बच्चियां से दरिंदगी की बात सामने आ रही है। हालांकि अभी इसकी पुख्ता पुष्टि नहीं है।
पुलिस का दावा है कि उनकी जांच में अभी तक छह बच्चियां से दरिंदगी होने की बात सामने आई है। इनमें तीन नाबालिग और तीन बालिग हैं। यह छह वो बच्चियां हैं, जो कि भंडाफोड़ करने वाली सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के फोटो में दिखी हैं। आरोपी तीन साल से यह घिनौना काम कर रहा था, यह बात पूछताछ में उसने बताई है। जबकि तीनों बच्चियों ने छह महीने से आरोपी के यहां पर आना जाना बताया है। सवाल उठता है कि तीन साल से आरोपी ने जिन बच्चियाें से दरिंदगी की है, उनके परिजन सामने क्यों नहीं आए। अब पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है।
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हैवान के घर दो बहनें आती थीं
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि एक ही परिवार की दो सगी बहनें (नाबालिग) आती थीं। पुलिस को तीनों बच्चियाें से काउंसलिंग के दौरान भी यह जानकारी मिली। पुलिस ने बताया कि दोनों बच्चियों के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। परिजनों से भी पूछताछ होगी कि आखिर इस हैवान के घर पर उन्होंने बच्चियों को कैसे जाने दिया। पुलिस भी इस बिंदु पर बारीकी से जांच करने की बात कह रही है।

महिला पुलिस की सुपुर्दगी में बच्चियां
हैवानियत की शिकार तीनों बच्चियों को महिला पुलिस ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है। बच्चियाें और उनके परिजनों की पुलिस और चाइल्ड लाइन काउंसलिंग कर रही है। तीनों बच्चियाें को पुलिस ने सुरक्षित जगह पर रखा है। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में सामने आया है कि बच्चियाें के परिजन को आरोपी पैसे देता था। इसके  चलते परिजन बच्चियों को गलत फीड कर सकते हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने तीनों बच्चियों को उनके परिजनों से अलग रखा है।
डीबीआर से गायब राज भी खुलेंगे
इस घटना से जुड़ीं कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस ने जुटाई हैं। पुलिस का कहना कि आरोपी से बरामद सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। जिसकी रिपोर्ट में कई राज खुलने की उम्मीद है। पुलिस को अंदेशा है कि फुटेज से काफी फोटो और वीडियो आरोपी ने जानबूझकर डिलीट किए हैं।

वकीलों का गुस्सा फूटा, विमलचंद को पीटा  
बच्चियाें
से हैवानियत करने वाले विमल चंद पर शुक्रवार शाम वकीलों का गुस्सा फूटा। कचहरी में पेशी के दौरान वकीलों ने आरोपी को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। आरोपी को बचाने के लिए पुलिस दूसरी कोर्ट में घुस गई और दरवाजा बंद कर लिया। सूचना पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद कचहरी में फोर्स बुलाई गई। कड़ी सुरक्षा में आरोपी को एसीजेएम-10 की कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसको जेल भेजा दिया गया।
सीओ सदर कैंट रामअर्ज, सीओ सिविल लाइन हरि मोहन सिंह, सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला व मेडिकल थाने की पुलिस आरोपी विमल चंद और टेक्नीशियन आशु को शुक्रवार शाम करीब पांच बजे कचहरी लेकर पहुंची। विमल पर बच्चियाें से दरिंदगी करने और आशु पर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से आरोपी को ब्लैकमेल करने का आरोप है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने एसीजेएम-10 डॉ. अनिल कुमार की कोर्ट में पेश किया। विमल चंद के कोर्ट पहुंचने की जानकारी पर करीब 50 अधिवक्ता वहां पहुंच गए।
पुलिस आरोपी को एसीजेएम-10 कोर्ट से स्पेशल जज पॉक्सो जीपी सिंह की कोर्ट लेकर जा रही थी। तभी वकीलों ने विमल चंद को कचहरी परिसर में ही पीटना शुरू कर दिया। पुलिस जैसे तैसे आरोपी विमल को दूसरी कोर्ट में लेकर घुस गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद सीओ ने वायरलेस सेट से पुलिस फोर्स बुलाई। तब जाकर आरोपी विमल को स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट में पेश किया।
छावनी बनी गई थी कचहरी
आरोपी
विमल चंद की घिनौनी हरकत को लेकर वकीलों में बहुत नाराजगी है। वकीलों ने कहा कि पुलिस को ऐसे दरिंदे पर मजबूत कार्रवाई करनी चाहिए। आरोपी के खिलाफ कचहरी में नारे भी लगे। मेडिकल थाना एसओ पर लगे आरोप को लेकर भी वकीलों में चर्चा थी। आरोपी से मारपीट होने के बाद पुलिस ने कचहरी को छावनी में तब्दील कर लिया। कड़ी सुरक्षा में आरोपियों को पेश किया और फिर जेल भेजा।
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