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पूर्व विधायक शौकीन फरार

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दिल्ली/ बागपत। पूर्व कांग्रेस विधायक और गैंगस्टर नीरज बवानिया का मामा रामवीर शौकीन बुधवार दोपहर बागपत पुलिस की कस्टडी से सफदरजंग अस्पताल से फरार हो गया। बागपत पुलिस उसे चेकअप के लिए सफदरजंग अस्पताल लेकर आई थी। अस्पताल में पत्नी से मिलने के दौरान वह फरार हो गया। बागपत पुलिस ने बुधवार शाम इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना सफदरजंग एन्क्लेव पुलिस ने बागपत पुलिस की शिकायत पर देर रात मामला दर्ज कर लिया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक साल की मशक्कत के बाद शौकीन को गिरफ्तार किया था। एसपी बागपत शैलेश पांडेय ने बताया कि शौकीन को लेकर गए एसआई समन सिंह, सिपाही राजकुमार और सुंदर को निलंबित कर दिया गया है।
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दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि बागपत पुलिस के दरोगा समन सिंह व दो सिपाही रामवीर शौकीन को चेकअप के लिए बुधवार सुबह सफदरजंग अस्पताल लेकर आए थे। अस्पताल में शौकीन से मिलने उसकी पत्नी और कुछ रिश्तेदार आए थे। वह अस्पताल में पेड़ के पास खड़े होकर उनसे बात कर रहा था। पुलिसकर्मी कुछ दूरी पर खड़े थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे रामवीर शौकीन पेड़ की आड़ लेकर अस्पताल से फरार हो गया। पुलिस कर्मियों ने शौकीन को अस्पताल में काफी ढूंढा और न मिलने पर शाम साढ़े पांच बजे सूचना दिल्ली पुलिस को दी।
रामवीर शौकीन दिल्ली के बड़े गैंगस्टर नीरज बवानिया का मामा है। नीरज इस समय जेल में है। रामवीर शौकीन मुंडका से कांगेस का विधायक रह चुका है। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, यूपी के अपराधी अमित भूरा को हिरासत से भगाने के आरोप में वह बागपत जेल में बंद था। उत्तराखंड पुलिस बदमाश अमित भूरा को यूपी में कोर्ट में पेश करने लाई थी तो बदमाश उसे हिरासत से भगा ले गए थे। रामवीर शौकीन पर गैंगस्टर नीरज बवानिया का अपराधों में साथ देने और एके-47 रखने का भी आरोप है। करीब एक वर्ष बाद रामवीर शौकीन ने कोर्ट में सरेंडर किया। पुलिस ने उस पर मकोका लगाया था।
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राठी गैंग की दूसरी साजिश, शौकीन के जाल में फंसी पुलिस
बागपत। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद सुनील राठी गैंग ने एक और बड़ी साजिश रची और पुलिस की आंखों में धूल झोंककर पूर्व विधायक रामवीर शौकीन फरार हो गया। भूरा फरारी केस का आरोपी पूर्व विधायक रामवीर शौकीन बागपत जेल में सिर्फ नौ माह ही बंद रहा। पिछले एक माह से शौकीन का जिला अस्पताल में उपचार चला। जिला अस्पताल से उसे जेल के अस्पताल में शिफ्ट किया, लेकिन यहां से बुधवार को दिल्ली के लिए रेफर किया। पुलिस उसकी बीमारी का उपचार कराने के नाम पर फरार होने की साजिश नहीं समझ पाई और दिल्ली पहुंचते ही वह फरार हो गया। सुनील राठी के कहने पर ही रामवीर शौकीन ने भूरा को छुड़ाने में मदद की थी।
दिल्ली के मुंडका विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रामवीर शौकीन को दिल्ली की तिहाड़ जेल से बागपत कारागार में 12 दिसंबर को शिफ्ट किया था। पूर्व विधायक रामवीर शौकीन ने रीढ़ की हड्ड़ी में परेशानी की का जिक्र करते हुए जनवरी में अदालत में इलाज की अनुमति के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था। पिछले नौ माह से वह दिल्ली में इलाज के लिए ही पैरवी कर रहा था। अदालत ने जेल अधीक्षक को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए थे। रामवीर शौकीन को एक माह पहले जिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। पुलिस के कड़े पहरे में यहां करीब 25 दिन तक उसका इलाज चला। पांच दिन पहले उसे जेल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। बुधवार को बागपत पुलिस के सुरक्षा घेरे में उसे इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया, जहां से वह फरार हो गया।

भूरा फरारी केस का आरोपी है रामवीर शौकीन
बागपत। देहरादून पुलिस कस्टडी से 15 दिसंबर 2014 को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित किस्तु ज्योति कान्वेंट हाईस्कूल के पास दो एके-47 व एक कारबाइन लूटकर गैंगेस्टर अमित उर्फ भूरा को छुड़ा लिया गया था। भूरा मुजफ्फरनगर के सरनावली गांव का रहने वाला है। भूरा के खिलाफ यूपी और उत्तराखंड सरकार ने दस लाख रुपये का इनाम घोषित किया । पुलिस की विवेचना में सामने आया था कि कुख्यात सुनील राठी के कहने पर पूर्व विधायक रामवीर शौकीन ने भूरा को छुड़ाने की साजिश रची थी।

मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में भी की गई पूछताछ
बागपत। फरार हुए पूर्व विधायक रामवीर शौकीन मुन्ना बजरंगी की हत्या के समय भी बागपत जेल में बंद था। पुलिस ने मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के बाद उससे पूछताछ भी की थी। लेकिन शौकीन ने पुलिस को कुछ खास जानकारी नहीं दी थी।
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