मेरठ। करन कौशिक हत्याकांड में पीड़ित पक्ष द्वारा सोमवार को डीएम ऑफिस पहुंचकर शिकायत की गई है। इस मामले में करन कौशिक के पिता राकेश कौशिक ने शिक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई न होने पर इच्छा मृत्यु देने की मांग की है।
मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान सिविल लाइन के सुभाषनगर निवासी राकेश कौशिक के इकलौते बेटे करन कौशिक की 11 सितंबर 2013 को हत्या कर शव को कब्र में दबा दिया गया था। हत्या में आरोपी ताज मोहम्मद की फर्जी टीसी बनाकर उसे नाबालिग दिखाया गया था। इस मामले में राकेश कौशिक ने मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार से शिकायत की थी। पूर्व बीएसए जीवेंद्र सिंह ऐरी और नगर शिक्षा अधिकारी एसके गिरी भी भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। दोनों के खिलाफ भी जांच की जा रही है।
सोमवार को राकेश कौशिक ने डीएम ऑफिस में शिकायती पत्र देते हुए कहा कि वह पूर्व में भी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन बेसिक शिक्षा के जिन अधिकारियों की जांच चल रही है, उन्हें पद से नहीं हटाया गया है। ऐसे में वह अधिकारी जांच को प्रभावित कर सकते हैं। यह भी कहा गया कि यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जाए तो मुझे उसी कब्रिस्तान में इच्छा मृत्यु की स्वीकृति दी जाए, जिस कब्रिस्तान में मेरे बेटे को दबाया गया था। कहा कि मैं अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए पांच साल से लड़ाई लड़ रहा हूं। शिकायती पत्र में डीएम ऑफिस में कॉपी रिसीव करने की मुहर भी लगा दी गई। लेकिन बाद में मुहर काट दी गई थी।
खास बातें:
करन कौशिक हत्याकांड
सितंबर 2013 में करन कौशिक की हत्या कर आरोपियों ने कब्र में दबाया था शव
पूर्व बीएसए पर आरोप, एक आरोपी की टीसी फर्जी तरह से बनाकर दिखाया था नाबालिग