बहसूमा। नहर के सुखते ही रेत माफिया ने अवैध रेत खनन शुरू कर दिया है। इस बार शातिर खनन माफिया ने नायब तरीका निकाला है। क्षेत्र में रेत से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली व बुग्गियां मीरापुर क्षेत्र में बेरोकटोक निकाल रहे हैं। शनिवार को ग्रामीणों की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस को देख खनन माफिया भाग खडे़ हुए। पुलिस चेतावनी देकर लौट गई।
बहसूमा के बटावली नहर सूख गई है। वहीं, रेत खनन माफिया सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने धरती की सीना चीरना शुरू कर दिया है। हालांकि प्रदेश सरकार ने खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। शायद खनन प्रतिबंध माफिया पर लागू नहीं होता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस बार घटायन, तिसंग, तुरहेड़ी, भुम्मा खेड़ी आदि के माफिया रेत खनन कर रहे हैं। रेत खनन मीरापुर क्षेत्र से लेकर बहसूमा के बटावली नहर पुल तक कर रहे हैं। माफिया ने बटावली नहर के आसपास 10-15 नवयुवक हथियार समेत तैनात रहते हैं। ग्रामीणों की सूचना पाकर शनिवार को बहसूमा पुलिस मौके पर पहुंची। खनन माफिया पुलिस को देख आनन-फानन में भाग खडे़ हुए। पुलिस उन्हें चेतावनी देकर लौट गई। एसओ अजय चौधरी का कहना है कि थाना क्षेत्र में अवैध रेत खनन नहीं हो रहा है।
गुमशुदगी दर्ज कराई
बहसूमा। कोहला निवासी विवाहिता के पिता ने बताया कि उसने करीब एक सप्ताह पूर्व बहसूमा थाने में पुत्री की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एक सप्ताह बाद भी पुलिस उसका सुराग नहीं लगा सकी है। पुलिस से विवाहिता की बरामदगी की गुहार लगाई है। वहीं, इस संबंध में एसओ अजय चौधरी का कहना है कि विवाहिता को बरामद करने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है।
फर्जी बैनामे की रिपोर्ट दर्ज कराई
बहसूमा। उत्तराखंड के थाना मंगलोर के लाठरदेवा निवासी सैंकी ने बताया कि सैफपुर फिरोजपुर निवासी देवेंद्र, कवरजीत सिंह, अनुराज सिंह, हरीश, व जगजीत सिंह ने जानसठ तहसील में हजारों बीघा कृषि भूमि फर्जी तरीके से बैनामा एवं वसीयत अपने नाम दर्ज कराई है। पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।