जानीखुर्द। गांव बाफर में घर के बरामदे में सो रहे एक ग्रामीण की बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने मृतक के पुत्र पर भी जानलेवा हमला किया, लेकिन उसने किसी तरह जान बचाई। घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। घटना में चार लोगों को नामजद किया गया है।
गांव बाफर निवासी जितेंद्र (45) पुत्र कंवल सिंह का गांव के मुख्य मार्ग पर मंदिर के पास ही मकान है। जितेंद्र शुक्रवार दोपहर में खेत से आने के बाद खाना खाकर घर के बरामदे में सो गया। घर में उसकी पत्नी और छोटा पुत्र सागर मौजूद थे। परिजनों के अनुसार इस दौरान गांव के चार युवक घर के अंदर दाखिल हुए। उन्होंने आते ही जितेंद्र पर कनपटी से सटाकर गोली चला दी। गोली की आवाज सुनकर सागर बाहर आया और बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान बदमाशों ने सागर पर भी गोली चला दी और मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। गनीमत रही की गोली सागर को नहीं लगी और उसकी जान बच गई। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों खून से लथपथ घायल जितेंद्र को उपचार के लिए ले गए। इस दौरान रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद से ग्रामीणों में नाराजगी है। सूचना पाकर एसपी देहात राजेश कुमार, सीओ सरधना संतोष कुमार और कई थानों की पुलिस व पीएसी मौके पर पहुंच गई। एसपी देहात ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। जानी थानाध्यक्ष प्रभारी प्रेमचन्द्र शर्मा के अनुसार शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के बड़े पुत्र विशाल ने गांव के ही पूर्व ब्लॉक प्रमुख रही राजवीरी के पुत्र विकेन्द्र उर्फ गौरी, छंगा उर्फ नगेंद्र, लोकेंद्र उर्फ भूरा और कवींद्र पुत्रगण चंद्रवीर सिंह को नामजद कराया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी।
रंजिश के चलते हुई हत्या
गांव बाफर निवासी जितेंद्र की हत्या के पीछे रंजिश बताई जा रही हैं। परिजनों के अनुसार तीन साल पहले जितेंद्र के फुफेरे भाई नीटू निवासी चिपियाना जिला गाजियाबाद को गांव बाफर में गोली मार कर घायल कर दिया था। इस घटना में नामजद गौरी को नामजद करवाया गया था। हालांकि बाद में दोनों पक्षों मे समझौता हो गया था। तभी से दोनों पक्षों के बीच रंजिश चली आ रही थी। कई बार दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और मारपीट हो चुकी थी।