हल्द्वानी। कृष्णा अस्पताल में भर्ती अर्शा पांडे को शुक्रवार को 18 दिनों बाद डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया। घर पहुंचने पर मां पूनम पांडे को याद कर अर्शा भावुक हो गई। रोने पर परिजनों ने उसे ढांढस बंधाया। यहां पुलिस घर आने जाने वालों पर निगरानी रख रही है।
गोरापड़ाव हरिपूर्णानंद निवासी लक्ष्मी दत्त पांडे के घर में 27 अगस्त की रात बदमाशों ने घुसकर उनकी पत्नी पूनम पांडे का कत्ल कर दिया था और बेटी अर्शा पांडे को अधमरा कर दिया था। घटना के बाद से ही घायल अर्शा को कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 18 दिनों तक इलाज के बाद डॉक्टरों ने शुक्रवार को उसे डिस्चार्ज किया। परिजन उसे लेकर घर आए। घर पर पुलिस का पहरा पहले से है लेकिन अर्शा के आने पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिसकर्मियों का मानना है कि घर रहने पर अर्शा को घटना के दिन की बातें याद आ सकती है। इसी कारण जांच में शामिल महिला पुलिसकर्मी उसके नजदीकी बनाए हुए हैं।
एसआईटी की बैठक में नयी रणनीति पर विचार
हल्द्वानी। एसआईटी के सदस्यों की बैठक के दौरान पूनम हत्याकांड के मामले में नए सिरे से छानबीन करने पर विचार किया गया। एसओजी की रिपोर्ट के आधार पर टीम में शामिल लोग अब काम कर रहे हैं। अर्शा के बयानों से पुलिस को अभी निराशा हाथ लगी है। इस बारे में एसपी सिटी या एसएसपी कोई स्पष्ट जानकारी देने से परहेज कर रहे हैं।
पुलिस पहरे में अर्शा पहुंची अस्पताल से घर
मां को नहीं पाकर भर आई आंखें