ललित गुर्ज्जर की मां और सास अनशन पर बैठी
सपा नेता अतुल प्रधान, रालोद नेता संजय चौधरी भी धरने में शामिल हुए
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना। तहसील मुख्यालय से शुक्रवार को शांतिभंग की आशंका में जेल भेजे गये ललित गुर्ज्जर की सात दिन बाद भी जेल से रिहाई नहीं होने पर धरना शुरू कर दिया गया। धरने पर ललित गुर्ज्जर की मां जागृति और सास पूनम आमरण अनशन पर बैठ गई। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान ने भी धरने पर पहुंचकर परिवार को समर्थन दिया। वहीं, शाम को एसडीएम की ओर से परवाना रवाना करने की जानकारी मिलने पर सपा नेता अुतल प्रधान एवं संजय चौधरी ने जूझ पिलाकर धरना समाप्त कराया।
नगर में सत्रह अगस्त को छात्रा को जिंदा जलाने का मामला बढ़ता जा रहा हैं। छात्रा को न्याय दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकालने के लिये स्कूलों में संपर्क करने को लेकर अतुल प्रधान समर्थक ललित गुर्ज्जर को पुलिस ने 24 अगस्त को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान कर दिया था। इस बीच विरोध में कोतवाली पहुंचे सपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के नेतृत्व में सपाइयों ने प्रदर्शन किया। इस बीच पुलिस लाठी भांजकर सपा नेताओं को थाने से खदेड़ा। वहीं, घटना के विरोध में सपा विधानसभा अध्यक्ष सैय्यद मुमताज अली सहित करीब साठ से अधिक सपा नेताओं ने गिरफ्तारी दी। जिन्हें मुचलके पर छोड़ दिया गया था। ललित गुर्जर की सात दिन बाद भी शुक्रवार को रिहाई न होने पर ललित की मां जागृति देवी और सास पूनम के नेतृत्व में धरना शुरू हो गया। इस बीच जागृति और पूनम आमरण अनशन पर बैठ गईं। इस बीच उनके समर्थन में राजीव खेड़ा, भूपेंद्र, अनुज भी उनके सहयोग में मौजूद रहे। धरना स्थल पर पहुंचकर रालोद नेता संजय चौधरी ने भी पीड़ित परिवार के साथ होने की बात कही। और धरने को समर्थन दिया। धरना स्थल पर सपा नेेता अतुल प्रधान, पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी, शाहवेज अंसारी, चीनू खेड़ा, मुकुल चंदेल, सोनू फरीदपुर आदि धरने पर बैठे और समर्थन दिया। इस मौके पर अतुल प्रधान और संजय चौधरी ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है। ललित गुर्जर को जमानत नहीं दी गई है। वहीं, इस संबंध में एसडीएम अमित कुमार भारतीय ने बताया कि जमानत की तस्तीक होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।