सरधना/मेरठ। राजस्थान में आतंकी गतिविधि में शामिल होने के आरोप में पकड़ा गया युवक सरधना का यासीन है। शनिवार को इसकी जानकारी यासीन के परिजनों को लगी तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने कहा कि यासीन आतंकियों के संपर्क में कैसे आया, उन्हें कोई जानकारी नहीं हैं। यासीन झोलाछाप डॉक्टर था। उसका सरधना में क्लीनिक भी था।
सरधना के मोहल्ला इस्लामाबाद निवासी यासीन (24) पुत्र मरहूम खुरशैद पांच भाइयों में चौथे नंबर का है। उसके बडे़ भाई शकील, अकील व मोहम्मद अली हैं। यासीन और यामीन दोनों जुड़वा हैं। पांचों भाई नगर में मेहनत मजदूरी करते हैं। परिजनों के अनुसार यासीन का मोहल्ले में क्लीनिक था, लेकिन उसका काम ठीक नहीं चला तो वह राजस्थान के उदयपुर बांसवाड़ा में कपड़ा व्यापारी के यहां काम करने के लिए चला गया। जहां पर एटीएस ने उसको गिरफ्तार कर लिया।
परिजनों को जानकारी मिली है कि छह दिन पूर्व राजस्थान उदयपुर के बांसवाड़ा में कपड़ा व्यापारी की दुकान से आतंकवादी निरोधक दस्ते ने यासीन को पकड़ा है। यासीन के फेसबुक अकाउंट और व्हाट्स एप पर पाकिस्तान के झंडे की डीपी लगी थी। उसे इस आधार पर आतंकवादी निरोधक दस्ते ने धर दबोचा। परिजनों ने बताया कि दुकान मालिक को भी एटीएस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया हुआ है।
वहां के समाचार पत्रों में छपी खबरों से उन्हें ज्यादा जानकारी हासिल हुई। यासीन के मोबाइल से पाकिस्तान के कई लोगों के मोबाइल पर कॉल, व्हाट्सएप व फेसबुक पर जुडे़ होने की जानकारी सामने आ रही है। यासीन के बडे़ भाई शकील ने बताया कि उन्हें कभी नहीं लगा कि उनका भाई ऐसी किसी गतिविधियों में संलिप्त है। वहीं सरधना पुलिस ने मामले की जानकारी से इनकार किया है। परिजनों ने बताया कि यासीन 29 जुलाई फेसबुक एवं व्हाट्स एप पर बातचीत के बाद राजस्थान में एक कपडे़ की दुकान पर काम करने के लिए गया था।