परीक्षितगढ़। नवविवाहिता के अपहरण के 22 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है। इस मामले का मुख्यारोपी अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। पुलिस की इसी नाकाम के चलते विभिन्न संगठनों में धीरे-धीरे आक्रोश पनप रहा है।
बता दें कि ग्राम अल्लीपुर खजूरी मार्ग पर शातिर बदमाश शहजाद ने अपने साथियों के साथ दिनदहाडे़ नवविवाहिता का अपहरण कर लिया था। इसके बाद नगर और देहात के लोगों में आक्रोश उत्पन्न हो गया था। भाजपा एवं हिंदू संगठनों ने पुलिस-प्रशासन को चेतावनी देते हुए हिंदू महापंचायत का ऐलान किया था। पुलिस एवं प्रशासनिक अफसरों ने लोगों को विवाहिता की जल्द सकुशल बरामदगी एवं आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। इस पर लोगों ने महापंचायत को स्थगित कर दिया था। अपहरण को 22 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अपने आश्वासन पर खरी नहीं उतर सकी है। अभी तक पुलिस न तो विवाहिता को बरामद कर सकी है और न ही आरोपी शातिर बदमाश शहजाद का सुराग लगा सकी है। इससे पुलिस के निष्क्रियता का खुलकर पता चल रहा है। यह घटना लोगों के जहन में पहेली मात्र बनकर रह गई है।
एसटीएफ, एसओजी, क्राइम ब्रांच भी पस्त
एसएसपी ने बदमाश शहजाद की गिरफ्तारी एवं नवविवाहिता की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस, एसटीएफ,, एसओजी, क्राइम ब्रांच को लगा दिया था। शहजाद इतना शातिर है कि वह टीमों को निरंतर चकमा दे रहा है। इसके चलते अभी तक पुलिस की टीमें पूरी तरह पस्त हो रही हैं।
नप चुके हैं तत्कालीन थानाध्यक्ष
विवाहिता की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्कालीन थानाध्यक्ष रितेश कुमार को घटना का जल्द खुलासा करने का आदेश दिया था। रितेश कुमार को कामयाबी नहीं मिलने पर एसएसपी ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है।
नवनियुक्त थानाध्यक्ष के लिए चुनौती
एसएसपी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष रितेश कुमार को हटाकर अशोक कुमार को परीक्षितगढ़ थाने की कमान सौंपकर जल्द घटना के खुलासे के निर्देश दिए हैं। इसके चलते थानाध्यक्ष के समक्ष नवविवाहिता की बरामदगी और शातिर शहजाद की गिरफ्तारी चुनौती है।
पहाड़ी इलाको व विदेश भाग सकता है
शातिर शहजाद के बारे में लोगों का कहना है कि वह बेहद शातिर अपराधी है। वह विवाहिता को अपहरण करने के बाद पहाड़ी इलाके एवं विदेश भाग सकता है। यह पुलिस के लिए सिरदर्द बन सकता है।
मुख्य बातें
22 दिन पूर्व शातिर शहजाद ने कर लिया था नवविवाहिता का अपहरण
सकुशल बरामदगी नहीं होने पर थानाध्यक्ष पर गिर चुकी है गाज