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नरेंद्र की मौत के मामले ने पकड़ा तूल

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मेरठ/मोदीपुरम।
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पुलिस की थर्ड डिग्री में नरेंद्र गुर्जर की मौत के मामले में परिजन अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने मवाना पुलिस के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है। चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वो डीएम व एसएसपी के ऑफिसों में ताला जड़ देंगे।
पल्लवपुरम क्षेत्र के डौरली गांव निवासी नरेंद्र समेत चार लोगों को मवाना पुलिस ने एक ग्राम प्रधान के कहने पर गोवध अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इन लोगों का कसूर इतना था कि वो दुधारू दो गाय को एक रिश्तेदार के यहां छोड़ने जा रहे थे। जेल में नरेंद्र की तबियत खराब हो गई। इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। जिस पर परिजनों में आक्रोश है। एसएसपी ने इंस्पेक्टर मवाना, दरोगा, सिपाही को सस्पेंड कर दिया।
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अंतिम संस्कार करने के बाद बृहस्पतिवार को नरेंद्र के परिजनों ने घर के बाहर अनशन शुरू कर दिया। सपा नेता अतुल प्रधान भी अनशन पर जाकर बैठ गए। पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि जब तक नहीं उठेंगे, तब तक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होगा। नरेंद्र के भाई जितेंद्र ने कहा कि पुलिस ने निर्दोष की हत्या की है। पीड़ित परिवार ने पचास लाख रुपये की सहायता व परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग की है।
अगर उनकी मांगो को नहीं माना गया तो वे डीएम एवं एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना देकर बैठेंगे। सपा नेता अतुल प्रधान ने कहा कि इस सरकार में पुलिस निर्दोषों की हत्या करने में लगी हुई है। सपा सरकार आने के बाद ऐसे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी जेल जाएंगे। पूरे प्रकरण को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवगत करा दिया गया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, परविंदर सिंह ईशु, बाबर चौहान, देशपाल गुर्जर आदि मौजूद रहे। एडीजी को शिकायती पत्र देने की बात कही है।

भाजपाई ने दी परिवार का सांत्वना
वहीं भाजपा विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर, दिनेश खटीक, जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा ने पीडित परिवार को सांत्वना दी। आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एसएसपी मंजिल सैनी से कार्रवाई की मांग की।

दिव्यांग भी बैठे अनशन पर
नरेंद्र के बड़े भाई अमरपाल की कैंसर के चलते पहले ही मौत हो गई और उसके पिता मलखान सिंह की भी मौत हो चुकी है। जबकि जितेंद्र दिव्यांग है। जितेंद्र के समर्थन में जनपद के दिव्यांग भी उनके घर पहुंचे और अनशन पर बैठे। विकलांग एकता समिति के अध्यक्ष रियासत अली ने कहा कि अगर पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो सभी दिव्यांग डीएम ओर एसएसपी कार्यालय पर ताला जड़े देंगे। ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष शोकेंद्र भारद्वाज ने धरने पर पहुंचकर समर्थन कर परिवार को पचास लाख रुपये की धनराशि देने और सीबीआई जांच की मांग की।
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अपने ही सरकार पर बरसे मुखिया गुर्जर
डौरली गांव में पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए सुबह से ही नेताओं का जमावड़ा लग गया। भाजपा नेता मुखिया गुर्जर भी पहुंचे। मुखिया गुर्जर ने कहा कि इस पूरे मामले में थर्ड डिग्री देने वाले पुलिसकर्मी दोषी हैं। दोषियों के खिलाफ 302 का मुकदमा कायम होना चाहिए। भाजपा नेता मुखिया गुर्जर अपनी सरकार के खिलाफ ही जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि मेरठ की एसएसपी मंजिल सैनी बर्खास्त होनी चाहिए। जिन पुलिसकर्मियों ने यह पूरा प्रकरण रचा है। जांच में वह दोषी पाए गए, उसके बाद भी अभी तक उनके खिलाफ 302 की धाराओं में मुकदमा कायम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर परिवार के लोगों को न्याय नहीं मिला तो वह आंदोलन के लिए भी बाध्य होंगे।
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