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बिहार में शकील का चलता है सॉल्वर गैंग

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मेरठ। एसटीएफ के अनुसार सॉल्वर गैंग के मास्टर माइंड शकील का बिहार में भी सॉल्वर गैंग चलता है।
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एसटीएफ अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि गांव कुरड़ी बागपत निवासी शकील तीन साल पहले यूपी पुलिस की भर्ती परीक्षा में पास हो गया था। अभी उसका मेडिकल होना बाकी था। शकील ने पूछताछ में बताया कि उसने बिहार के गया जिले समेत तीन जिलों में रेलवे की ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में भी सॉल्वर गैंग के कई सदस्यों को बैठाया था। जिसने कई युवकों को परीक्षा पास कराकर मोटी रकम वसूली थी। लिखित परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थी को आगे की प्रक्रिया खुद पास करने के लिए कहा जाता था।
शकील के सरगना अरविंद राणा और कवि व एक अन्य युवक हैं। जिनकी तलाश में एसटीएफ की टीमें लगी हैं। शकील ने बताया कि वह बिहार के अलावा हरियाणा में भी भर्ती परीक्षाओं के नाम पर खेल कर मोटी रकम वसूल चुका है। यह भी बताया कि गिरोह में आधा दर्जन युवक थे जिन्होंने पूछताछ में बताया था कि मेरठ में वह पहली बार पहुंचे थे। वहीं, बागपत निवासी अरविंद राणा पहले भी पुलिस भर्ती परीक्षा के अलावा रेलवे समेत कई भर्तियों के नाम पर कई करोड़ की ठगी कर चुका है। जिसका कई राज्यों में कोचिंग सेंटर संचालकों से भी नजदीकी है।
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कई कोचिंग सेंटर रडार पर
पुलिस परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग के भंडाफोड़ के बाद एसटीएफ यूपी समेत कई राज्यों के कोचिंग सेंटरों की जांच में जुट गई है, जो नाम शकील ने बताए थे। उन कोचिंग सेंटरों के संचालकों की तलाश की जा रही है।
आवेदन निकलते ही ठगी में लग जाता था गैंग
पुलिस भर्ती या अन्य विभागों की नौकरी के लिए जैसे ही आवेदन निकलते थे तो गिरोह ठगी के लिए लग जाता था। शकील ने बताया कि कोचिंग में अपने गिरोह के युवक को 15-20 दिन के लिए फीस देकर कोचिंग कराते थे जिससे अन्य अभ्यर्थियों से संपर्क किया जा सके। या फिर कोचिंग सेंटरों से संपर्क करते थे। करीब 100 से अधिक कोचिंग सेंटरों से अरविंद राणा, शकील और कवि के संबंध बताए गए हैं जिनकी जांच हो रही है।
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नेटवर्क को खंगाल रहे
कोचिंग सेंटरों को लेकर एसटीएफ अलग से काम कर रही है। इस गिरोह में जो भी शामिल हैं, उनके नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। दूसरे राज्यों की टीम से भी इसमें मदद ली जाएगी। -आलोक प्रियदर्शी, एएसपी एसटीएफ
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