जवान को गोली मारने के मामले में चार संदिग्ध हिरासत में
मेरठ। कैंट क्षेत्र में सोमवार तड़के हुई सनसनीखेज वारदात के खुलासे के लिए एसएसपी ने क्राइम ब्रांच समेत पांच टीम लगाई हैं। दो आईपीएस अधिकारी भी जांच कर रहे हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। रात में एएसपी कैँट भी पूरी टीम के साथ डोगरा मंदिर पहुंचे और जांच पड़ताल की। जल्द ही पुलिस मामले का खुलासा कर सकती है।
लालकुर्ती थाना क्षेत्र के कैंट स्थित डोगरा मंदिर परिसर में सेना का जवान हरविंद्र सिंह पुत्र धर्मपाल सिंह निवासी नूरपुर गाजियाबाद पहरा ड्यूटी पर था। सोमवार तड़के करीब पौने चार बजे हथियारबंद संदिग्ध मंदिर परिसर में घुस गए। इस दौरान हरविंद्र ने संदिग्धों को ललकारा तो एक आरोपी ने गोली चला दी। जवान के कंधे के पास गोली लगी। गोली लगने के बावजूद जवान ने एक युवक को पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन उसके साथी उसे छुड़ाकर ले गए। घायल को एमएच में भर्ती कराया गया। लालकुर्ती थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसओ ने घायल जवान के बयान भी दर्ज किए। एसएसपी मंजिल सैनी ने एएसपी कैंट सतपाल सिंह, ट्रेनिंग पर आए आईपीएस अमित कुमार आनंद, और क्राइम ब्रांच, स्वाट समेत पांच टीम लगाई हैं।
पुलिस ने तीन स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली। पुलिस अफसरों का कहना है कि डोगरा मंदिर के पास कहीं भी सीसी टीवी कैमरे नहीं लगे हैं। लेकिन कुछ दूरी पर दुकान और एक अन्य स्थान के पास लगे कैमरे में दो युवक दिखाई दिए हैं। जिन चार संदिग्ध लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, उनसे एएसपी और क्राइम ब्रांच पूछताछ कर रही है। पुलिस अफसरों का दावा है कि मंदिर परिसर में आरओ वाटर सिस्टम था। बदमाश आरओ सिस्टम को उतारकर ले जा रहे थे। विरोध करने पर एक आरोपी द्वारा गोली चलाई गई।
तमंचे से मारी गई गोली
एसओ लालकुर्ती वीरेंद्र सिंह के अनुसार घायल हरविंद्र ने बताया कि मंदिर की तरफ था। इसी दौरान मंदिर परिसर से लाइट कट हो गई। उसने कुछ आवाज सुनी तो वह दौड़कर गया। इस बीच मंदिर के पास दो आदमी देखे। उसने आवाज लगाते हुए चैलेंज किया तो एक आदमी ने फायर कर दिया। कंधे के पास गोली लगने के बाद उसने एक आरोपी को पकड़ लिया, जिसके बाद दूसरा उसे छुड़ाकर ले गया। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि जांच पड़ताल में सामने आया कि गोली 315 बोर की लगी है। गोली तमंचे से मारी गई। गोली कंधे के सामने की तरफ से लगी और पार निकल गई।
डॉग स्क्वाएड ने भी की जांच
सेना जहां अपने डॉग से जांच कर रही है। वहीं पुलिस की तरफ से टीमा डॉग को लगाया गया। डॉग स्क्वाएड ने भी कई बार गहनता से जांच पड़ताल की। डोगरा मंदिर से आधा किमी की दूरी पर स्टेडियम के पीछे तक पुलिस का डॉग पहुंच रहा है। जबकि सेना का डॉग उससे 100 मीटर दूर पहुंचकर रुक जाता है। ऐसे में पुलिस को शक है कि लालकुर्ती मेन बाजार और डोगरा स्टेडियम की तरफ से ही संदिग्ध पहुंचे। स्टेडियम के पास ही पुलिस ने कई घरों में भी जांच पड़ताल की।
कैंट क्षेत्र डबल सुरक्षा घेरे में है। अभी तक की जांच पड़ताल में यही आया कि आरओ चोरी करने के लिए ही बदमाश घुसे होंगे। दो एएसपी समेत पांच टीम पुलिस की लगाई गई हैं। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा। मंजिल सैनी दहल, एसएसपी
सेना ने शुरू की जांच
जवान को गोली मारे जाने के मामले में सेना ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। अब तक की जांच में कोई ऐसा तथ्य सामने नहीं आ रहा है, जिससे कैंट इलाके की सुरक्षा को कोई खतरा पैदा हो। पूरा मामला आरओ चोरी का ही सामने आ रहा है। सेना की तरफ से सोमवार तड़के मॉल रोड और आसपास जगहों पर तैनात सैनिकों से मंगलवार को पूछताछ की गई। डोगरा मंदिर में सेना के जवानों और उनके परिवारों के अलावा बड़ी संख्या में लोग पूजा करने जाते हैं। ऐसे में यहां के बारे में सबको जानकारी रहती है। मंदिर के कपाट शाम को बंद हो जाते हैं। दानपात्र वाली जगह का भी गेट बंद हो जाता है। मंदिर या उसके आसपास ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां से कैंट इलाके की गोपनीय सूचनाएं आदि लीकेज होने का खतरा हो। ऐसे में मंदिर में संदिग्धों के घुसने का मकसद सिर्फ आरओ चोरी करना ही सामने आ रहा है।
मंदिर में लग सकते हैं सीसीटीवी
डोगरा मंदिर में हुई घटना के बाद सेना कुछ जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगा सकती है। मंदिर परिसर के भीतर कैमरे लगाए जाने को लेकर पुलिस और सैन्य अफसरों में बात हो रही है। औघड़नाथ मंदिर परिसर में पहले से ही सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। ऐसे में जहां पर सिविलयन का आना-जाना है, वहां सभी जगह कैमरे लग सकते हैं।
गणतंत्र दिवस को लेकर आज मॉकड्रिल
गणतंत्र दिवस को लेकर सेना ने कैंट इलाके में चौकसी बढ़ा दी है। क्यूआरटी की टीमें गश्त कर रही हैं। बुधवार और बृहस्पतिवार को सेना कई इलाकों और स्कूलों में मॉकड्रिल करेगी। 26 जनवरी को लेकर देशभर में अलर्ट घोषित है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सभी कैंट में अतिरिक्त चौकसी बढ़ाई गई है। वहीं स्कूली बच्चों को आपदा से निपटने के गुर भी सिखाए जाएंगे।