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बर्फी पर चांदी के वर्क की जगह मिला एल्युमीनियम
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मेरठ। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा इस साल दीपावली केनजदीक लिए गए खाद्य पदार्थों के 102 में से 51 नमूने फेल हो गए हैं। बर्फी पर चांदी के वर्क की जगह एल्युमीनियम लगा मिला है, जबकि बेसन केलड्डू, टोमेटो सॉस और मूंगफली की गिरी में हानिकारक रंगों की मिलावट मिली है।
दीपावली के आसपास खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने छापेमारी कर नमूने लिए थे, इन्हें जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था, जहां से 102 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। इनकी जांच में 31 अधोमानक पाए गए हैं, एक मिथ्या छाप, 11 में विनियमों का उल्लंघन और आठ नमूने असुरिक्षत (अनसेफ) पाए गए हैं, यानि इन्हें खाने से सेहत को नुकसान होगा। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान ने बृहस्पतिवार को बताया कि जो नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, उनमें 12 अक्तूबर को मोहकमपुर से लिया गया टोमेटो सॉस के नमूने में कार्बोसाइन व पीला रंग पाया गया। 14 अक्तूबर को हस्तिनापुर से बेसन केलड्डू का नमूना लिया गया था, इसमें मेटानिल येलो रंग मिला हुआ पाया गया है। इसी दिन किठौर से छेना मिठाई के नमूने में प्रतिबंधित रंग रोडामाइन पाया गया है। 15 अक्तूबर को हापुड़ रोड पर जमुना नगर में बेसन के लड्डू में मेटानिल येलो रंग पाया गया है। साथ ही यहीं से मूंगफली की गिरी के नमूने में प्रतिबंधित रंग पाया गया है।
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इसके अलावा 16 अक्तूबर को फलावदा केपास नंगला हरेरू से लिए गए बेसन केलड्डू केनमूने में मेटानिल येलो रंग पाया गया है। इसी दिन मसूरी से बर्फी का नमूना लिया गया था, जिसमें चांदी केवर्क की जगह एल्युमीनियम पाया गया है। 19 अक्तूबर को पल्लवपुरम स्थित मिठाई की दुकान से खाद्य रंग का नमूना लिया गया था, जो सूडान सेकेंड पाया गया है, जो प्रतिबंधित रंग है।

गुड़ भी निकला अधोमानक
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने दो स्थानों से गुड़ के भी नमूने लिए थे, जिनकी रिपोर्ट आई है, उनमें वे अधोमानक निकले हैं। यानि उनमें भी मानकों का उपयोग नहीं किया जा रहा था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि कोई मिलावट नहीं निकली है, मगर उसमें जो मानक 2 होना चाहिए, वह सवा दो निकला है।

आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि जो नमूने सेहत के लिए हानिकारक पाए गए हैं, उनमें एफआईआर दर्ज कर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलेगा। इसमें छह माह से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है और तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि खतरनाक रंगों को मिठाई आदि को चमकदार और रंगीन बनाने के लिए किया जाता है।

मिलावट से हो सकते हैं गंभीर रोग
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया ने बताया कि रासायनिक रंगों, एल्युमीनियम आदि की मिलावट से गंभीर किस्म के रोग हो सकते हैं। सबसे ज्यादा किडनी को नुकसान पहुंच सकता है और पेट संबंधी कई तरह के रोग हो सकते हैं। रंगों की मिलावट और अखाद्य पदार्थों से बनी मिठाइयां व खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

अमर उजाला ने किया था खुलासा
दीपावली के लिए तैयार हो रही मिठाइयों में मिलावट हो रही है। अमर उजाला ने यह खबर कई बार प्रमुखता से प्रकाशित की। स्टिंग ऑपरेशन भी किया। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को भी मिलावट के संबंध में अवगत कराया, जिसके बाद उन्होंने कई जगह छापेमारी की।
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मिलावट का खेल जारी
मेरठ में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल जारी है। यहां से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने में 50 प्रतिशत से ज्यादा नमूने फेल होते हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन नमूने लेकर जांच के लिए भेजता और फिर जुर्माना आदि की कार्रवाई भी करता है, मगर इस पर रोक नहीं लग पा रही है।

खास बात
सॉस और मूंगफली की गिरी में भी मिलावट, दीपावली पर लिए 102 नमूनों में से 51 फेल
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