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मानव गया जेल, विवेचना के नाम पर न हो जाए खेल
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मेरठ। डीपीएसआई की कोऑर्डिनेटर नवजीत के हत्यारोपी पति मानव को कोर्ट ने मंगलवार को जेल भेज दिया। इस केस में पुलिस ने मानव समेत दो आरोपी गिरफ्तार दिखाए। बाकी आरोपियों को हिरासत में लेकर भी उनकी गिरफ्तारी न दिखाने और विवेचना चलने की बात कहकर गोलमोल जवाब देने पर सवाल उठ रहे हैं। चर्चा है कि पुलिस आरोपियों को क्लीन चिट देने की तैयारी में है। इसको लेकर नवजीत के परिजनों ने सवाल उठाए हैं।
पुलिस केस कमजोर कर रही या मजबूत
पुलिस के अनुसार मानव के दोस्तों समेत एक दर्जन लोग जांच के दायरे में हैं। केस की विवेचना अभी जारी हैं। हत्या के इस मामले में मुख्य आरोपी मानव के अलावा उसके दोस्त इलू, प्रवीण, विभोर, अभिनव और गौरव नामजद हुए थे। पुलिस ने सबसे पहले प्रेस वार्ता कर प्रवीण और उसके रिश्तेदार हिमांशु के हवाले से इस केस का खुलासा किया। जिसमें प्रवीण की निशानदेही पर हिमांशु, बंटी और अभिषेक के भी घटना के वक्त मौके पर होने की बात कही गई थी। प्रवीण ने मौके पर एक अन्य अज्ञात व्यक्ति की मौजूदगी भी बताई थी। लेकिन पुलिस ने केवल प्रवीण को जेल भेजा। इसका आधार प्रवीण द्वारा घटना वाली रात नवजीत से विवाद होने और प्रवीण द्वारा चलाई गई गोली नवजीत की बाजू में लगना बताया गया था। जबकि हिमांशु का कोई रोल न होना बताए जाने लगा।
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आरोपी के बयान की आड़ में पुलिस
हत्या जैसे संगीन मामले में पुलिस हत्यारोपी मानव के बयान की आड़ में नामजद आरोपियों को क्लीन चिट देने की तैयारी में है। सोमवार को प्रेस वार्ता में पुलिस अफसरों के सामने हत्यारोपी मानव ने कहा था कि उसके दोस्तों का इस केस से कोई लेेना-देना नहीं है। प्रवीण के द्वारा गोली चलाने की बात भी गलत बताई गई। जिसके बाद पुलिस ने भी एक तरह से मानव के बयान को सही मानना शुरू कर दिया।
राजनैतिक दबाव की भी चर्चा
इस घटना के आरोपी व्यापारिक घरानों से बताए जा रहे हैं। राजनैतिक संबंधों के चलते इनके परिजन इन्हें बचाने को पूरी भागदौड़ कर रहे हैं। पुलिस पर राजनैतिक दबाव की भी चर्चा है। प्रयास हो रहा है कि किसी तरह उन्हें क्लीन चिट मिल जाए।
नवजीत के परिजनों के पांच सवाल
01: पहले पकड़ा, फिर छोड़ा
पुलिस ने पहले ही दिन दो नामजद आरोपी गिरफ्तार करने की बात कही। उन्हें थाने भी लाई। लेकिन बाद में कह दिया कि इनका कहीं रोल सामने नहीं आया।
02: बात को ही घुमा दिया
प्रवीण ने गिरफ्तारी के दौरान जिस अज्ञात व्यक्ति के घटनास्थल पर होने की बात कही, वह किसी नेता का नजदीकी बताया गया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तार को लेकर भी बात को घुमा दिया।
03: आला कत्ल पर सवाल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान ही मानव से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद हुई है। यानी वह गाजियाबाद से मेरठ वकील से बात करने के लिए पिस्टल लेकर पहुंचा था। जबकि हत्या के अधिकांश मामलों में पुलिस केस मजबूत करने को हत्यारोपी की निशानदेही पर बाद में आला कत्ल बरामद दिखाती है, लेकिन इस केस में ऐसा नहीं किया गया।
04 : क्यों कर लिया बातों पर विश्वास
प्रवीण और मानव का कहना था कि घटना के दिन वे लोग एक झगडे़ के मामले में सुलह के लिए अचल के घर जमा थे। लेकिन नवजीत की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत की गई। पुलिस ने इसकी सच्चाई जानने की कोशिश क्यों नहीं की। इसकी क्या गारंटी है कि आरोपी जो बोल रहे हैं, वही सही है।
05: स्पष्ट बात करे पुलिस
पुलिस इस केस में स्पष्ट बात करे। घटना को हुए पांच दिन बीत चुके हैं। मानव भी पकड़ा जा चुका है। लेकिन पुलिस अभी तक यह तक साफ नहीं कर पाई है कि हत्या की असल वजह क्या थी। उल्टा मानव नवजीत पर आरोप लगाकर केस को उलझा रहा है।
बिना जांच कैसे बना दें आरोपी
इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी सतीश राय का इस संबंध में कहना है कि नवजीत की हत्या 10:30 बजे से 10:45 के बीच हो चुकी थी। प्रवीण और मानव से पूछताछ में ये बात साफ हो चुकी हैं कि घटना के वक्त मानव के दोस्तों के अलावा मोहल्ले के भी कई लोग वहां थे। कई लोगों के सामने ये घटना हुई। इसका मतलब ये नहीं कि वे सब भी इसमें शामिल हैं। घटना के वक्त लोगों की मौजूदगी की वजह, मकसद आदि कई तमाम चीजों की पूरी जांच पड़ताल के बाद ही ये तय होगा कि कोई आरोपी है या नहीं।
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अभी किसी को नहीं क्लीन चिट
एसपी सिटी मान सिंह चौहान का कहना है कि पुलिस ने किसी को क्लीन चिट नहीं दी है। हर बिंदु पर गंभीरता से जांच होगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी मिलेगा, वह चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों ना हो, उस पर कार्रवाई जरूर होगी। जांच में यदि ये लगा कि मानव के बयान गलत हैं तो उसका लाई डिटेक्टर टेस्ट भी कराया जाएगा।
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