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बाहर दंडनीय अपराध का बोर्ड, अंदर भ्रूण लिंग परीक्षण

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मोदीपुरम (मेरठ)। एक तरफ जहां देश में ‘बेटी बचाओ-बेटी बढ़ाओ’ का नारा दिया जा रहा है, वहीं मेरठ के कई अस्पतालों में गर्भ में ही बेटियों को मार दिया जाता है। रोहतक से आई पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान (पीसीपीएनडीटी) की टीम ने शनिवार को मोदीपुरम के पल्हैड़ा में छापा मारकर एक बार फिर भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में चिकित्सक, अस्पताल मालिक समेत छह आरोपियों को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया। जिन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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सबसे पहले बोर्ड पर पड़ी थी नजर
पल्हैड़ा के जिस सीबी मेमोरियल नर्सिंग होम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापामार कार्रवाई की थी, उसकी गैलरी में एक फ्लैक्स बोर्ड लगा था। इस पर लिखा है कि ‘प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण दंडनीय अपराध है’। जबकि बाहर बोर्ड लगाकर अंदर डॉक्टर भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहे थे। टीम ने भी सबसे पहले अस्पताल में आकर बोर्ड को ही देखा। अंदर अल्ट्रासाउंड कक्ष में कोई बोर्ड नहीं लगा था। हरियाणा की पीसीपीएनडीटी की टीम भ्रूण लिंग परीक्षण को लेकर गंभीर है। जिसका यही कारण है कि छह माह में मोदीपुरम में ही दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने इससे पहले सर्वहित अस्पताल में भी भ्रू्ण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ किया था। इसके बाद अब दूसरी कार्रवाई सीबी मेमोरियल अस्पताल में की गई है। इसके अलावा मेरठ में भी कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं। भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने के लिए प्रशासन बड़े ही दावे कर रहा हो, लेकिन अस्पतालों में अभी भी चोरी छिपे ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं।
ये हुए कोर्ट में पेश
इस मामले में पीसीपीएनडीटी प्रभारी डॉ. देवी दास की तहरीर पर अस्पताल संचालक अमित चौहान, डॉ. मुकुल, दलाल अजित सैनी, मकसूद पुत्र मोटा निवासी निलोठा थाना बहादुरगढ़ झज्जर हरियाणा, सलमा, सरिता और परविंदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पल्लवपुरम पुलिस ने फरार परविंदर को छोड़कर सभी छह आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। हालांकि डॉ. मुकुल की हालत थाने में अचानक खराब हो गई थी। पल्लवपुरम पुलिस ने उन्हें प्यारेलाल अस्पताल में भर्ती कराया।
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तो फिर नहीं पकड़े जाते
रोहतक की टीम को जब इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने नीतू नाम की एक महिला को फर्जी अल्ट्रासाउंड कराने के लिए तैयार किया और दलाल के माध्यम से सेटिंग कर ली। नीतू ओर रेणू दोनों साथ आए थे। टीम ने नीतू के माध्यम से इस पूरे रैकेट को पकड़ लिया। अगर टीम लापरवाही कर जाती तो फिर से यह रैकेट नहीं पकड़ा जाता। पकड़ी गई महिला रेणू भी बार-बार इस बारे में मना कर रही थी, हालांकि अधिकारियों का दावा है कि उसके एक बेटी है और वह भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए ही अस्पताल में आई थी।
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खास बातें:
- रोहतक से आई पीसीपीएनडीटी टीम ने छापे के दौरान पकड़ा था मामला
- थाने पर चिकित्सक की तबियत बिगड़ी, पुलिस ने भेजा जिला अस्पताल
- डॉक्टर और अस्पताल मालिक समेत छह आरोपी कोर्ट में पेश, जेल भेजा
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