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खून बहाने वाले शूटरों को अब ढूंढेगी एसटीएफ

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मेरठ। जेल में बैठे कुख्यातों के इशारे पर हत्या करने वाले शूटरों की तलाश में एसटीएफ को भी लगाया गया है। एसएसपी का दावा है कि क्राइम ब्रांच, सर्विलांस समेत पांच पुलिस टीमें बदमाशों को ढूंढने में लगी हैं। नामजद आरोपियों के साथ साथ शूटरों का पुलिस पर्दाफाश करेगी। पुलिस ने मुखबिर तंत्र भी सक्रिय कर दिया है।
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गैंगवार में भाड़े के शूटर खूनखराबा कर रहे हैं, इसकी रिपोर्ट शुक्रवार को लखनऊ तक पहुंच गई। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार व आईजी मेरठ रेंज रामकुमार ने एसएसपी मंजिल सैनी दहल से मामले की जानकारी ली। एसएसपी का कहना है कि दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस अबकी बार नामजद आरोपियों के अलावा कुख्यातों के शूटरों का पता लगाने में लगी है। वहीं शुक्रवार को अमर उजाला ने क्राइम कंट्रोल को लेकर एसएसपी से बातचीत की।
सवाल : गैंगवार मेें लगातार हत्या हो रही है। पुलिस महज मुकदमा दर्ज कर नामजद दो-तीन आरोपियों को जेल भेजकर शांत हो जाती है।
जवाब : गैंगवार रोकना पुलिस के सामने चुनौती है। इस बार पुलिस केवल नामजद आरोपी ही नहीं, बल्कि शूटरों की भी धड़पकड़ करने में लगी है। शूटरों को पकड़ने के लिए एसटीएफ को भी लगाया है। आरोपियों पर रासुका की भी कार्रवाई की जाएगी।
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सवाल : शूटर कौन हैं और कहां से आते हैं। शूटरों को हथियार कौन देता है। क्या पुलिस के पास शूटरों के नाम की जानकारी है।
जवाब : सलमान के पास हरियाणा और सारिक के पास दिल्ली के शूटर हैं। ऐसी जानकारी पुलिस को मुखबिरों के जरिये पता चली है। दो-तीन शूटरों के नाम पुलिस को पता हैं। शूटर वारदात करके कहां छिप जाते हैं, ऐसी कोई जानकारी अभी नहीं मिली है। पुलिस इसका पता लगाएगी।

सवाल : गैंगवार पर पुलिस कैसे रोक लगा पाएगी। दोनों कुख्यात एक दूसरे से जुड़े लोगों को मरवा रहे हैं।
जवाब : मेरठ जेल में सारिक बंद है। उसे दूरदराज की जेल में शिफ्ट कराने के लिए शासन को चिट्ठी लिखी गई है। कुख्यातों से मुलाकात करने वालों पर पुलिस पैनी नजर रखेगी। सलमान गाजियाबाद की जेल में बंद है। पेशी के दौरान वह किससे मिलता है, इस पर पुलिस नजर रखेगी।

सवाल : जेल में बैठकर बदमाश हत्या, रंगदारी व अपहरण की वारदात करा रहे है। कई बार इसका खुलासा हो चुका है, बावजूद पुलिस कुछ नहीं कर पाती।
जवाब : ऐसा बिलकुल नहीं है। वारदात में जेल में बंद बदमाश को 120 बी का मुल्जिम बनाते हैं। चार्जशीट में आरोपी बनाकर कोर्ट में दाखिल करते हैं। हर मुकदमा आरोपियों पर चलता है। जेल में सख्ती बरतने के लिए भी प्रशासन को कहा गया। जेल में निरीक्षण के दौरान बदमाशों से पूछताछ भी करते हैं।

सवाल : गैंगवार में कई हत्याएं हो चुकी हैं, लेकिन मेरठ पुलिस किसी भी बड़े अपराधी को सजा नहीं दिला सकी। आखिर पुलिस की विवेचना कहां पर जाकर कमजोर हो जाती है।
जबाव : मेरे पौने चार महीने के कार्यकाल में कोतवाली में डबल मर्डर व घोसीपुर गांव में नसीरूद्दीन की हत्या, ढवाईनगर में डबल मर्डर की घटना हुई है। सभी हत्या की वारदात में पुलिस से मजबूत चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया। इनके अलावा थानों में निरीक्षण के दौरान पुरानी घटनाओं के बारे में जानकारी लेकर चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ मजबूत सुबूत दाखिल करते हैं।
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खास बात
दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस नामजद आरोपियों के अलावा शूटरों का पता लगाने में लगी
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