सिविल लाइन थाने में रिश्वत का खेल, जांच बैठी
मेरठ। सिविल लाइन थाने में रिश्वत के खेल का मामला शुक्रवार को पुलिस अफसरों तक पहुंच गया। बृहस्पतिवार रात मारपीट के मामले में युवक को छोड़ने के लिए पुलिस ने ढाई हजार रुपये लिए थे। दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद पुलिस ने युवक नहीं छोड़ा तो पुलिस की भूमिका का पर्दाफाश हो गया।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सुभाषनगर निवासी अवनीश पुत्र सोहनवीर सिंह का बृहस्पतिवार रात पड़ोसी से विवाद हो गया था। सिविल लाइन पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई। आरोप है कि कुछ देर बाद पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया। लेकिन पीड़ित अवनीश को थाने में ही बैठा लिया। रात भर परिजन थाने में जमे रहे, लेकिन पुलिस ने कह दिया कि साहब आयेंगे, उन्हीं के आदेश पर आगे की कार्रवाई होगी। इस पर सिपाही और मुंशी ने अवनीश के परिजनों को धमकाते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी से बात की तो जेल भेज दिया जाएगा। जमानत भी नहीं होगी। इस पर अवनीश के परिजनों ने थाने में हंगामा कर दिया।
बाद में मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो एक पुलिसकर्मी ने आनन-फानन में परिजनों को रकम लौटा दी। इसके बाद पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन अमरेश बघेल का कहना है कि जांच पड़ताल कर कार्रवाई की गई है। यदि किसी पुलिसकर्मी ने ढाई हजार रुपये लिए हैं तो जांच कराई जाएगी। उधर, एसपी सिटी मानसिंह चौहान का कहना है कि सिविल लाइन पुलिस की शिकायत मिली है। पूरे मामले में जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
खास बात
पुलिस पर मारपीट के मामले में युवक के परिजनों से ढाई हजार रुपये लेने का आरोप