कस्बा स्थित दुर्गा मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत गीता ज्ञान सप्ताह यज्ञ के पांचवें दिन रविवार को पूतना के चरित्र का वर्णन किया गया। वहीं, कथा के दौरान माखन चोरी आदि लीलाओं का मंचन किया गया। इस दौरान पंडाल भगवान श्रीकृृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
कथावाचक पंडित घनश्याम शास्त्री ने कहा कि धनवान व्यक्ति वही है जो अपने तन, मन. धन से सेवा भक्ति करे। पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि आज का जीव भी पूतना से कम नहीं है। जीव भगवान से झूठ बोलता है कि मैं तेरा भक्त हूं। वह यह नहीं जानता कि वह तो सर्वज्ञाता है। वह सब जानता है। तुम सोचते हो कि भगवान तुम्हें देख नहीं रहा, लेकिन भगवान मनुष्य के सारे कर्म पर निगाह बनाए रखता है। पूतना के विषय में बताया कि पूतना कंस द्वारा भेजी गई राक्षस थी। वह श्रीकृष्ण को स्तनपान के जरिए विष देकर मार देना चाहती थी। श्रीकृष्ण को विषपान कराने के लिए पूतना सुंदर स्त्री का रूप धारण कर वृंदावन पहुंची थी। उसने मौका पाकर बाल श्रीकृष्ण को गोद में उठा लिया और स्तनपान कराने लगी। श्रीकृष्ण ने स्तनपान करते करते ही पूतना का वध कर उसका कल्याण कर दिया। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी आदि लीलाओं का मंचन किया गया। इस मौके पर राजेश सिघंल, इंदु सिंघल, अमन बंसल, यश गोयल, अनुराधा, सोनू, विदित, मधु, हितेश, राकेश, बेबी, अंजलि और सुमित्रा आदि उपस्थित रहे।