पुलिस जहां एक ओर स्थायी वारंटियों को पकड़ने में खासी मशक्कत कर रही है वहीं दूसरी ओर चार थानों के वांटेड आरोपी को केवल 15 मिनट में छोड़ देती है।
मामला अजमेर जिले के बिजयनगर थाना पुलिस से जुड़ा है। यहां बीत रात गुलाबपुरा नगर पालिका के चेयरमैन धनराज गुर्जर के भाई शिवराज गुर्जर को लाया गया और पन्द्रह मिनट बाद ही उसे छोड़ भी दिया गया। बिजयनगर में शिवराज गुर्जर और इसके साथियों ने जुलाई माह में रेल कर्मचारियों के साथ मारपीट की थी और सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाया था। इस मामले में आरपीएफ, जीआरपी और बिजयनगर थाना पुलिस ने शिवराज गुर्जर व उसके साथियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे।
मुकदमा दर्ज होने के बाद शिवराज गुर्जर के साथियों की गिरफ्तारियां तो हो गई, लेकिन वह अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहा था। बीती रात शिवराज गुर्जर को लेकर पुलिस थाने पहुंची। यहां केवल पन्द्रह मिनट तक शिवराज गुर्जर को रोका गया और फोरी पूछताछ करके छोड़ दिया गया। इस बारे में जब थानाधिकारी प्रभूदयाल से पूछा गया तो उन्होंने पहले यह कहकर टाल दिया कि कोर्ट के आदेश हैं सात साल से कम वाली सजा में आरोपी की गिरफ्तारी आवश्यक नहीं। वहीं इसके बाद उन्होंने कहा कि शिवराज की तबीयत खराब हो रही थी। इसके चलते उसे छोड़ दिया गया।
उधर, जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह से जब मामले में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस केस की फाईल संभवतया पुलिस मुख्यालय से सीनियर पुलिस अधिकारी के पास ट्रांसफर कर दी गई है। रविवार होने के कारण पूरी जानकारी नहीं दे सकता। यदि आरोपी को थाने बुलाया गया और वापस छोड़ा गया तो गंभीर है। इसमें जांच करवाकर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।