ग्राम भामौरी निवासी एक व्यक्ति से उसके बेटे की सरकारी नौकरी लगवाने की खातिर चार लाख रुपये ठग लिये। नौकरी लगवाने वाले व्यक्ति ने खुद के सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री से बेहतर संबंध होने की जानकारी दी थी। इस पर उसे अस्सी और 90 हजार रुपये दो किस्तों में दिए। सपा की सत्ता जाने के बाद न तो नौकरी मिली और न ही रुपये लौटाए। भामौरी निवासी व्यक्ति ने रुपये देते समय कांधला निवासी आरोपी संग खिंचवा लिये थे। वे फोटो पुलिस को दिखाए। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
भामौरी निवासी जयवीर पुत्र ओमी कश्यप का 24 वर्षीय पुत्र मनीष बीसीए कर चुका है। उसने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर कांधला निवासी आरिफ मिर्जा पुत्र मुस्तफा मिर्जा बेग पर एक लाख सत्तर हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया। जयवीर ने बताया कि सपा सरकार के दौरान वह भी सपा की मीटिंग में बतौर कार्यकर्ता जाता था। इसी दौरान मदारपुरा निवासी व्यक्ति के यहां आयोजित मीटिंग में कांधला निवासी आरिफ मिर्जा से मुलाकात हुई। इस दौरान आरिफ ने उसके बेटे मनीष से बात की। मनीष ने बताया कि उसने बीसीए किया है। अब रोजगार की तलाश कर रहा है। इस पर आरिफ ने कहा कि उसके कैबिनेट मंत्री से अच्छे संबंध हैं। उसने सरकारी नौकरी लगवाने की खातिर चार लाख रुपये की मांग की। इस पर जयवीर ने उसे अस्सी और नब्बे हजार रुपये दो किस्तों में दिए। शेष रकम नौकरी लगने के बाद देने का आश्वासन दिया। इसी बीच विधान सभा चुनाव की घोषणा हो गई। इसके बाद न तो बेटे की नौकरी नहीं लग सकी। कई बार आरिफ से नौकरी लगवाने अथवा रुपये लौटाने के लिए कहा। उसने न तो रुपये दिये और न ही उसके बेटे की नौकरी लगवाई। इस संबंध जयवीर ने सीओ सरधना को शिकायती पत्र दिया। जिस पर सीओ ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
सपा के कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान आरोपी से हुई थी मुलाकात
सीओ के निर्देश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की