पुलिस ढाई माह बाद भी हत्यारों का सुराग नहीं लगा सकी
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना।
गांव मिलक में बीती 24 मई की सुबह मेड़ काटने को लेकर शेरसिंह की एलानिया हत्या के बाद उसकी पत्नी थाने और तहसील अधिकारियों के चक्कर काट रही है। पुलिस ने मुकदमे में नामजद आरोपी को न तो जेल भेजा और न ही उससे पूछताछ कर रही है। मृतक की पत्नी हत्या के खुलासे के लिए एसएसपी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक को पत्र लिख चुकी है।
मिलक गांव निवासी शेरसिंह (40) बीती 24 मई की सुबह फसल की सिंचाई करने गया था। वहां उसे गोलियों से भून दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शेरसिंह को सात गोली लगने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मौके से कई खोखे भी बरामद किए थे। उस समय मृतक की पत्नी सुशीला मायके गई हुई थी। मृतक शेर सिंह के भाई अनिल पुत्र शिवदयाल ने गांव के ही सतीश पुत्र रोहताश के खिलाफ एलानिया हत्या का आरोप लगाया। उसने रिपोर्ट में शेरसिंह पुत्र अर्जुन सिंह लिखाया। जबकि रिकार्ड में शेरसिंह के पिता का नाम शिवदयाल है। उसका भाइयों से भूमि संबंधी विवाद तहसीलदार कोर्ट में चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में नामजद आरोपी सतीश को उसी दिन पकड़ लिया था। उसे करीब 22 दिन तक हवालात में रखकर पूछताछ की गई परंतु बाद में छोड़ दिया। मृतक के बडे़ भाई ने बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा उससे जल्दबाजी में मुकदमा दर्ज कराया गया। उसके भाई शेरसिंह के पिता शिवदयाल की जगह अर्जुन सिंह करा दिया था। सुशीला का कहना है कि कप्तान से लेकर सीओ और थानाध्यक्ष तक बदल चुके हैं, लेकिन पुलिस उसके पति शेरसिंह की हत्या का पुलिस खुलासा नहीं कर पा रही है।
-मामला संज्ञान में आया है। शेरसिंह हत्या के मामले की जांच चल रही है। मृतक की पत्नी जिन लोगों का घटना में हाथ बता रही है। उनसे भी पूछताछ की जाएगी।-धर्मेंद्र सिंह, राठौर थानाध्यक्ष सरधना