फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ कचहरी समाचार

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

मेरठ। एमपीजीएस प्रकरण में मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की हंटर वाली बेटी आसमां की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने चार्जशीट दाखिल होने तक रोक लगा दी है। सदर बाजार पुलिस ने तो आसमां की तलाश में पहले ही दबिश देना बंद कर दिया था। पुलिस को आसमां के 24 जुलाई को कोर्ट में सरेंडर करने का इंतजार था।
आसमां कुरैशी की तरफ से उसके अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर थाना सदर बाजार में दर्ज मुकदमा रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका पर न्यायमूर्ति आरडी खरे और न्यायमूर्ति आरएन कक्कड़ की पीठ ने सुनवाई की। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि वास्तविकता यह है कि आसमां की बेटी से स्कूल में मारपीट हुई। इसकी शिकायत करने वह स्कूल में गई तो स्कूल प्रशासन ने उल्टा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस ने आसमां के पिता याकूब कुरैशी का राजनीति कैरियर खराब करने के लिए उनके आवास पर दबिश दी। पांच लोगोें को गलत धाराओं में जेल भेजा। अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी का कहना है कि दो-तीन दिन में हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी मेरठ पुलिस के पास पहुंच जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

न्यायिक रिमांड बनाने से इंकार
मेरठ। थाना गंगानगर में आरोपी काली उर्फ काले के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई थी। विवेचक दरोगा ऊधम सिंह तालान ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में लेने का अनुरोध किया। न्यायालय ने मामले में कानूनी पहलुओं पर गौर करते हुए गिरफ्तार करने की प्रक्रिया के बारे में पूछा तो इस पर दरोगा उचित जवाब नहीं दे पाया। जिसके चलते न्यायालय ने आरोपी का रिमांड प्रार्थनापत्र खारिज कर निजी मुचलके पर छोडे़ जाने के आदेश जारी किए। वहीं, कानूनी प्रक्रिया नियमानुुसार अमल में न लाए जाने पर न्यायालय ने दरोगा के खिलाफ कार्यवाही हेतु उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया है।
प्रमुख बातें==
- एमपीजीएस में छात्राआें और शिक्षिकाओं से मारपीट का मामला
- बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के बेटी आसमां है इस मामले में मुख्य आरोपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें